आंध्र प्रदेश में रिकॉर्ड 50 लाख टन धान की खरीदी, किसानों के खातों में पहुंचे 9800 करोड़ रुपये

आंध्र प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन में रिकॉर्ड धान खरीद कर नया कीर्तिमान बनाया है. 83 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करते हुए किसानों को 24 घंटे के भीतर भुगतान किया गया. DBT, रायथु भरोसा केंद्र और मजबूत परिवहन व्यवस्था से किसानों का भरोसा बढ़ा है.

नोएडा | Published: 21 Jan, 2026 | 11:54 AM

Paddy Procurement: आंध्र प्रदेश सरकार ने चालू खरीफ विपणन सीजन में धान खरीद के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. इस सीजन में न सिर्फ रिकॉर्ड मात्रा में धान की खरीद हुई है, बल्कि किसानों को समय पर भुगतान भी किया गया है, जिससे किसानों का भरोसा और मजबूत हुआ है. अक्टूबर से शुरू हुई खरीफ फसल की आवक के साथ राज्य ने कुल 50.42 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया था. अब तक 41.68 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जो लक्ष्य का 83 प्रतिशत है. यह उपलब्धि चक्रवात, बेमौसम बारिश और अन्य दिक्कतों के बावजूद हासिल की गई.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदे गए धान की कुल कीमत 9,887.28 करोड़ रुपये है, जिसमें से 9,800.48 करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे जमा कर दिए गए हैं. समय पर भुगतान होने से किसानों को मजबूरी में फसल बेचने से बचाव मिला है. इस अभियान में 6,83,384 किसानों ने धान बेचा है, जिनमें से 6,77,295 किसानों को भुगतान  मिल चुका है. बाकी किसानों का भुगतान अंतिम प्रक्रिया में है. धान की खरीद रायथु भरोसा केंद्र (RBK), प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और अन्य खरीद केंद्रों के जरिए की गई, ताकि किसानों को अपने गांव के पास ही फसल बेचने की सुविधा मिले.

बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई

धान खरीद की प्रक्रिया 3 नवंबर से शुरू हुई थी और इसके लिए करीब 3,572 खरीद केंद्र खोले गए. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के इस्तेमाल से पारदर्शिता बढ़ी, बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई और किसानों को तेजी से भुगतान मिला. सरकार धान खरीद  को बहुत सफल तरीके से चला रही है. नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेंडला मनोहर ने कहा कि 2025-26 खरीफ सीजन में अब तक 94 प्रतिशत भुगतान 24 घंटे के भीतर किसानों के खातों में जमा कर दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अब सुबह खरीदे गए धान का भुगतान उसी दिन शाम तक किसान के खाते में भेजा जा रहा है.

2,99,063 मीट्रिक टन धान की खरीद

किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं. कृष्णा और गुंटूर जिलों से विशेष रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं, जिससे धान का परिवहन सुचारू रूप से हो रहा है. उन्होंने बताया कि 2023-24 सीजन में राज्य ने 2,99,063 मीट्रिक टन धान की खरीद की थी, जो 2024-25 में बढ़कर 35,94,604 मीट्रिक टन हो गई. मौजूदा खरीफ सीजन  में यह आंकड़ा दोनों वर्षों से कहीं ज्यादा है, जो धान खरीद में लगातार बढ़ोतरी को दर्शाता है.

धान खरीद प्रक्रिया बिना रुकावट जारी

चक्रवाती मौसम, भारी बारिश और परिवहन से जुड़ी समस्याओं के बावजूद धान खरीद प्रक्रिया बिना रुकावट जारी है. इसके लिए करीब 10,000 कर्मचारियों की तैनाती की गई है, पर्याप्त गन्नी बैग उपलब्ध कराए गए हैं और खासतौर पर चक्रवात प्रभावित इलाकों में धान उठान के लिए परिवहन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है.

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