Budget 2026: सरकार ने नारियल किसानों को दिया बड़ा गिफ्ट, शुरू करेगी नई योजना.. इन राज्यों को होगा लाभ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नारियल संवर्धन योजना और काजू-कोको प्रोग्राम की घोषणा की. इससे नारियल और ड्राई फ्रूट्स के किसान लाभान्वित होंगे, उत्पादन बढ़ेगा, निर्यात मजबूत होगा और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाया जाएगा.
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नारियल की खेती करने वाले किसानों को बहुत बड़ा तोहफा दिया है. संसद में बजट पेश करते हुए उन्होंने ऐला किया कि नारियल उत्पादन बढ़ाने और उत्पादकता सुधारने के लिए एक नारियल संवर्धन योजना बनाई जाएगी. इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में पुराने पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे. साथ ही, भारत के काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम भी होगा, जिससे उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भरता बढ़े, निर्यात मजबूत हो और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड बनाया जा सके.
सरकार को उम्मीद है कि उसकी इस कोशिश से नारियल और ड्राई फ्रूट्स की खेती करने वाले किसानों को फायदा होगा. किसानों की कमाई में बढ़ोतरी होगी और पैदावार में इजाफा होगा. खास बात यह है कि सरकार के इस फैसले से दक्षित भारत के राज्य तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के किसानों को ज्यादा लाभ होगा. वहीं, कई जानकारों का कहना है कि तमिलनाडु और केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने नारियल और काजू को लेकर ये ऐलान किया है.
उन्नत किस्म के नारियल के पौधे लगाए जाएंगे
नारियल संवर्धन योजना भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसका मकसद नारियल की खेती को बेहतर बनाना है. इसके तहत पुराने और कम पैदावार देने वाले पेड़ों की जगह नई और उन्नत किस्म के नारियल के पौधे लगाए जाएंगे, ताकि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ सके. साथ ही इस योजना के तहत किसानों और मजदूरों को स्किल ट्रेनिंग, नीरा जैसे उत्पाद बनाने की ट्रेनिंग, मार्केटिंग व एक्सपोर्ट सपोर्ट भी दिया जाता है. साथ ही, नारियल तोड़ने वाले और नीरा तकनीशियन के लिए बीमा कवर की सुविधा भी शामिल है.
नुकसान से किसानों को सुरक्षा देती हैं
हालांकि, ऐसे भी अलग-अलग राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. बिहार में नारियल पौधा वितरण योजना के अंतर्गत किसानों को प्रति पौधा लागत पर 75 फीसदी तक सब्सिडी मिलती है. इसके अलावा, नारियल विकास बोर्ड की ‘केरा सुरक्षा’ जैसी बीमा योजनाएं प्राकृतिक आपदाओं और कीटों से होने वाले नुकसान से किसानों को सुरक्षा देती हैं.
इन राज्यों में होती है अधिक खेती
भारत में नारियल की खेती सबसे ज्यादा कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में होती है, जहां देश के कुल उत्पादन का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा आता है. इनके अलावा आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात, असम और त्रिपुरा में भी नारियल की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. खासकर तटीय इलाकों में अनुकूल जलवायु वाले अधिक खेती करते हैं.