गन्ना किसानों की कई गुना तक बढ़ सकती कमाई, CM योगी ने बताया फॉर्मूला.. बस करना होगा ये काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतःफसल मॉडल 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गन्ने की कुल 29.50 लाख हेक्टेयर खेती में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन बढ़ेगा और तिलहन-दलहन में आत्मनिर्भरता मजबूत होगी.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 Feb, 2026 | 06:55 PM

Sugarcane Farmers: उत्तर प्रदेश में किसानों की कमाई अब दोगुनी नहीं, बल्कि कई गुना तक बढ़ सकती है. इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. बस इसके लिए किसानों को अंतः फसल मॉडल को बड़े पैमाने पर अपनाना होगा. दरअसल, ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही है. उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कृषि को बढ़ाने के लिए सरकार पूरी मेहनत के साथ काम कर रही है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए किसानों को गन्ना के साथ तिलहनी और दलहनी फसलों की भी खेती करनी होगी. ऐसे में किसानों की इनकम में बढ़ोतरी होगी.

सीएम योगी ने कहा है कि किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सबसे सबसे असरदार तरीका गन्ना के साथ तिलहनी और दलहनी  फसलों की अंतःफसल मॉडल को बड़े पैमाने पर अपनाना है. इससे गन्ना किसानों की आय सिर्फ दोगुनी नहीं, बल्कि कई गुना बढ़ सकती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी फसलें उगाने से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और सालभर स्थिर आय मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

तिलहन-दलहन से आत्मनिर्भरता मजबूत होगी

उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में जमीन बढ़ाना मुश्किल है, इसलिए उत्पादन बढ़ाने का रास्ता एक ही खेत में ज्यादा फसल उगाना है. यह मॉडल किसानों को ज्यादा पैदावार, ज्यादा कमाई और जोखिम से सुरक्षा तीनों देता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू की जाएगी. प्रदेश में गन्ने की कुल 29.50 लाख हेक्टेयर खेती में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन बढ़ेगा और तिलहन-दलहन में आत्मनिर्भरता  मजबूत होगी.

क्या बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक आधार पर फसल का चयन करने और आईआईएसआर की सिफारिश के अनुसार रबी में सरसों-मसूर और जायद में उर्द-मूंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मॉडल की ताकत यह है कि गन्ने की पैदावार  प्रभावित हुए बिना अतिरिक्त फसल, लाभ और सुरक्षा मिलती है. उन्होंने योजना के लिए सालाना रोडमैप तैयार करने और सहायता व अनुदान का स्पष्ट ढांचा सुनिश्चित करने को कहा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अंतः फसलों को अपनाने से किसानों को जल्दी नकदी मिलेगी और एकल फसल के जोखिम कम होंगे, जिससे कृषि और स्थिर और टिकाऊ बनेगी. उन्होंने जोर दिया कि यह योजना केवल गन्ना किसानों तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश की कृषि व्यवस्था में बदलाव लाने वाली हो. दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर बैठक के दौरान गन्ना के साथ तिलहन और दलहन फसल की अंतःफसल मॉडल अपनाने पर जोर दिया.

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Published: 2 Feb, 2026 | 06:47 PM

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