ट्रैक्टर इंडस्ट्री में जोरदार उछाल, मई में 20 फीसदी की बढ़त, बिक्री पहुंची 1.08 लाख यूनिट के पार

Tractor Sales: भारत में ट्रैक्टर उद्योग 2026 में लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है. मई में घरेलू बिक्री 1.08 लाख यूनिट से ज्यादा रही, जो पिछले साल की तुलना में करीब 20 फीसदी अधिक है. यह लगातार तीसरा महीना है जब बिक्री एक लाख यूनिट के पार रही है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 14 Jun, 2026 | 03:10 PM

Tractor Sales India 2026: भारत की ट्रैक्टर इंडस्ट्री ने 2026 में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है. मई महीने में भी घरेलू ट्रैक्टर बिक्री एक बार फिर एक लाख यूनिट के पार पहुंच गई. यह लगातार तीसरा महीना है जब बिक्री इस स्तर से ऊपर बनी हुई है. यह संकेत देता है कि ग्रामीण इलाकों में मांग मजबूत बनी हुई है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है.

मई में 1.08 लाख से ज्यादा ट्रैक्टर बिके

ट्रैक्टर और मैकेनाइजेशन एसोसिएशन (TMA) के आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में देश में 1,08,229 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई. यह पिछले साल मई की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है, जब बिक्री करीब 90,500 यूनिट थी.

इस साल ट्रैक्टर बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है. जनवरी में जहां 88,522 यूनिट की बिक्री हुई थी, वहीं मार्च में यह बढ़कर 1,03,193 यूनिट तक पहुंच गई. अप्रैल में भी बिक्री 1,05,021 यूनिट रही और मई में यह 1,08,229 यूनिट तक पहुंच गई. यह लगातार बढ़ता ट्रेंड बताता है कि खेती में मशीनीकरण तेजी से बढ़ रहा है.

जनवरी से मई 2026 तक ट्रैक्टर बिक्री और निर्यात

महीना कुल बिक्री (निर्यात सहित) निर्यात
जनवरी 97,724 9,202
फरवरी 88,545 9,644
मार्च 1,12,468 9,275
अप्रैल 1,14,725 9,704
मई 1,18,394 10,165

निर्यात में भी आई मजबूती

केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि ट्रैक्टर के निर्यात में भी सुधार देखा गया है. मई 2026 में ट्रैक्टर निर्यात 10,165 यूनिट तक पहुंच गया, जो इस साल का अब तक का सबसे अच्छा आंकड़ा है. इससे पहले भी मार्च 2025 में निर्यात 10,733 यूनिट तक पहुंचा था. यह दिखाता है कि भारतीय ट्रैक्टरों की मांग विदेशों में भी बनी हुई है.

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नीतियों का असर

ट्रैक्टर बिक्री में इस तेजी के पीछे कई कारण हैं. जीएसटी दरों में कटौती के बाद ट्रैक्टर खरीदना किसानों के लिए पहले से ज्यादा आसान हुआ है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ी है. इसके अलावा खेती से होने वाली आय में सुधार और बेहतर फसल कीमतों ने भी किसानों को निवेश के लिए प्रेरित किया है.

आगे के लिए चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि बाजार में तेजी बनी हुई है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं. इनपुट कॉस्ट यानी खेती में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं. साथ ही कुछ नकदी फसलों के दामों में गिरावट भी किसानों की आय पर असर डाल सकती है. इसके अलावा मानसून की स्थिति भी आने वाले समय में मांग को प्रभावित कर सकती है. कुल मिलाकर ट्रैक्टर इंडस्ट्री का प्रदर्शन सकारात्मक बना हुआ है. अगर मानसून सामान्य रहता है और किसानों की आय स्थिर रहती है, तो आने वाले महीनों में भी ट्रैक्टर की मांग मजबूत बनी रह सकती है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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