3 लाख टन से ज्यादा तूअर खरीद को केंद्र की मंजूरी, किसानों को मिलेंगे 2696 करोड़ की रुपये
महाराष्ट्र के तूअर किसानों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने एमएसपी पर बड़े पैमाने पर तूअर खरीद को मंजूरी दी है. इस फैसले से किसानों को सही दाम मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका कम होगी. खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है.
देश के किसानों को सही दाम और सीधा लाभ दिलाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. तूअर (अरहर) की खेती करने वाले महाराष्ट्र के लाखों किसानों के लिए यह खबर राहत लेकर आई है. सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बड़े पैमाने पर खरीद को मंजूरी देकर साफ संकेत दिया है कि किसानों की आय और हित उसकी पहली प्राथमिकता हैं.
एमएसपी पर 3.37 लाख मीट्रिक टन तूअर की खरीद को मंजूरी
केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में 3.37 लाख मीट्रिक टन तूअर (अरहर) की खरीद को मंजूरी दे दी है. यह खरीद मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत होगी, जिस पर करीब 2696 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह फैसला नई दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया. सरकार का मकसद साफ है-किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिले और बाजार में उन्हें मजबूरी में फसल बेचने की नौबत न आए.
किसानों तक सीधा लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
बैठक के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों से सीधी खरीद पर जोर दे रही है. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और फसल का पूरा लाभ सीधे किसान के खाते तक पहुंचेगा. उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इस खरीद से सरकार पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़े, लेकिन किसानों के हित में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. सरकार हर हाल में किसानों के साथ खड़ी है.
नेफेड और एनसीसीएफ को मिली अहम जिम्मेदारी
खरीद प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए नेफेड और एनसीसीएफ को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. दोनों एजेंसियां राज्य सरकार के साथ मिलकर तूर की खरीद करेंगी. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर किसानों का पंजीकरण किया जाए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा न हो और असली किसानों को ही फायदा मिले.
खरीद केंद्र बढ़ाने के निर्देश, किसानों की सुविधा पर फोकस
सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी. इसका मकसद यह है कि किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो. पूरी खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, तेज और किसान के साथ दोस्ती बनाने पर जोर दिया गया है. कुल मिलाकर, तूअर की इस बड़ी खरीद से महाराष्ट्र के किसानों को न सिर्फ आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें यह भरोसा भी मिलेगा कि सरकार उनकी मेहनत और फसल की सही कीमत देने के लिए गंभीर है. यह फैसला दाल उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए आने वाले समय में स्थिरता और भरोसे का मजबूत आधार बनेगा.