कुंजपुरा अनाज मंडी में धान खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी, एएसपी ने तेज की जांच.. अब होगी कार्रवाई

करनाल की कुंजपुरा अनाज मंडी में 2025-26 सीजन के दौरान धान खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं. फर्जी गेट पास, जीपीएस डेटा में गड़बड़ी और कागजों में धान उठान दिखाने के आरोपों के बाद पुलिस जांच तेज हुई है और कई एफआईआर दर्ज की गई हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 10 Jan, 2026 | 11:51 AM

Haryana News: 2025-26 सीजन के दौरान करनाल के कुंजपुरा अनाज मंडी में धान खरीद प्रक्रिया में नई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके बाद करनाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है. जिला प्रबंधक (डीएम), हैफेड को दी गई ताजा शिकायत में धान उठान से जुड़े एग्जिट गेट पास जारी करने और वाहनों के जीपीएस डेटा में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है. यह इस मामले से जुड़ी चौथी शिकायत है. इसके बाद एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी कांची सिंघल को सौंपी है और साइबर एक्सपर्ट्स समेत एक विशेष जांच टीम बनाई गई है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, एएसपी को अब तक दर्ज सभी छह एफआईआर और खिराजपुर गांव के व्हिसलब्लोअर विकास शर्मा द्वारा दी गई चारों शिकायतों की जांच के निर्देश दिए गए हैं. विकास शर्मा लगातार धान खरीद व्यवस्था में खामियों को उजागर करते रहे हैं. एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि धान खरीद  में हुई अनियमितताओं से जुड़े सभी मामलों की गहराई से जांच की जा रही है. इसके लिए खरीद एजेंसियों और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड से अतिरिक्त रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं.

अनियमितताओं को लेकर छह एफआईआर दर्ज की गईं

2025-26 धान खरीद सीजन के दौरान करनाल पुलिस ने कथित अनियमितताओं को लेकर छह एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि इससे पहले एंटी करप्शन ब्यूरो ने 2022-23 सीजन से जुड़े एक मामले में एफआईआर दर्ज की थी. जांच में चावल मिलों में स्टॉक की कमी, बाहरी आईपी एड्रेस से फर्जी गेट पास जारी होना, कागजों में धान की एंट्री लेकिन हकीकत में माल न पहुंचना और बिना रिकॉर्ड व घटिया गुणवत्ता वाला चावल  मिलने जैसी गड़बड़ियां सामने आई हैं. अब तक कर्मचारियों, मिल मालिकों और आढ़तियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें करनाल मार्केट कमेटी के पूर्व सचिव सहित दो कर्मचारी और दो मिलर्स को जमानत मिल चुकी है.

करीब 81 एग्जिट गेट पास जारी किए गए

ताजा शिकायत में व्हिसलब्लोअर विकास शर्मा ने आरोप लगाया है कि धान उठान के लिए करीब 81 एग्जिट गेट पास जारी किए गए, लेकिन जिन वाहनों को दिखाया गया, वे मंडी के अंदर या अन्य जगहों पर खड़े पाए गए. जीपीएस डेटा में वाहनों की दूरी शून्य दिखी, जबकि रिकॉर्ड में धान उठान दर्शाया गया था. शिकायत के मुताबिक, इन वाहनों के जरिए 56,936 बोरी यानी करीब 2,13,510 क्विंटल धान उठाया गया दिखाया गया, जिसकी कीमत लगभग 50.6 लाख रुपये बताई गई है.

नकली ‘जे-फॉर्म’ बनाने का आरोप लगाया

इससे पहले भी विकास शर्मा ने कुंजपुरा मंडी में फर्जी गेट पास के जरिए नकली ‘जे-फॉर्म’ बनाने का आरोप लगाया था और कहा था कि 54 में से 20 वाहन कभी चले ही नहीं. ऐसे ही आरोप असंध मंडी को लेकर भी लगाए गए, जहां करोड़ों रुपये का परिवहन सिर्फ कागजों में दिखाया गया. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के खिलाफ एक अन्य शिकायत में शर्मा ने 68 वाहनों को 350 एग्जिट गेट पास  जारी कर करीब 26 करोड़ रुपये के धान की हेराफेरी का आरोप लगाया है.

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