Gold-Silver Rate: 29 अप्रैल को भारत के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई. स्पॉट मार्केट में मांग कमजोर होने के कारण कीमतों पर दबाव देखा गया. वहीं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने में हल्की कमजोरी और चांदी में मामूली तेजी देखने को मिली. MCX पर शुरुआती कारोबार में सोना 0.10 फीसदी गिरकर 1,49,880 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.21 फीसदी बढ़कर 2,43,284 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी.
भारत के प्रमुख शहरों में आज सोना-चांदी के दाम
| शहर | 24 कैरेट (रुपये/10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (रुपये/10 ग्राम) | चांदी (999 शुद्धता रुपये/किलो) |
|---|---|---|---|
| मुंबई | 1,50,930 | 1,38,500 | 2,59,900 |
| दिल्ली | 1,51,080 | 1,38,500 | 2,59,980 |
| अहमदाबाद | 1,50,980 | 1,38,400 | 2,43,320 |
| बेंगलुरु | 1,50,930 | 1,38,350 | 2,59,900 |
| कोलकाता | 1,48,840 | 1,41,750 | 2,59,899 |
| हैदराबाद | 1,51,370 | 1,38,750 | 2,65,000 |
| चेन्नई | 1,52,219 | 1,39,500 | 2,65,010 |
बाजार का ट्रेंड क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग में कमी के कारण सोने की कीमतों में हल्की नरमी आई है. हालांकि, त्योहारों और शादी के सीजन के करीब आने पर फिर से कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है.
क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:
- डॉलर की मजबूती: डॉलर मजबूत होने से सोने की मांग घटती है
- तेल की कीमतों में उछाल: मिडिल ईस्ट तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े
- महंगाई का डर: तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका
- जियोपॉलिटिकल तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से बाजार में अस्थिरता
- इन सभी वजहों से निवेशक सतर्क हो गए हैं और सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. वैश्विक तनाव, तेल की कीमतें और डॉलर की चाल आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा तय करेंगे. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखते हुए ही कोई बड़ा फैसला लें.
कुल मिलाकर, सोना-चांदी के दामों में आई यह हल्की गिरावट वैश्विक अनिश्चितताओं का परिणाम है. अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की तेजी और डॉलर की मजबूती ने मिलकर कमोडिटी बाजार को प्रभावित किया है.