Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल सस्ता करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, टैक्स घटाकर 3 रुपये किया, जानें नए दाम
पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती तेल कीमतों के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटा दी है. इससे आम लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कम होगा. सरकार का यह कदम जनता को सीधी राहत देने वाला माना जा रहा है.
Petrol Diesel Price: देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी थी. महंगाई का असर सीधे लोगों के रोजमर्रा के खर्च पर पड़ रहा था चाहे बात सफर की हो, सामान ढुलाई की या खाने-पीने की चीजों की कीमतों की. ऐसे समय में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती का फैसला लिया है, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है.
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण ईंधन महंगा होने की आशंका थी. इसी को देखते हुए सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप किया है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े. इस फैसले से न केवल पेट्रोल-डीजल के दाम पर असर पड़ेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट और जरूरी सामान की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी.
क्या है सरकार का बड़ा फैसला
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा करते हुए बताया कि पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर कम कर दी गई है. इसका सीधा फायदा आम ग्राहकों को मिलेगा क्योंकि अब उन्हें ईंधन सस्ता मिलेगा. नए फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटकर सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है. वहीं डीजल पर लगने वाली 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. यानी अब डीजल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी.
क्यों लेना पड़ा यह फैसला
दरअसल, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव खासकर ईरान से जुड़े हालात के कारण कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है. ऐसे में अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती, तो पेट्रोल-डीजल के दाम तेजी से बढ़ सकते थे. इससे आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट, खेती और रोजमर्रा की चीजों के दाम भी बढ़ जाते. सरकार ने इस खतरे को समझते हुए पहले ही एक्साइज ड्यूटी घटाकर कीमतों को कंट्रोल करने की कोशिश की है, ताकि लोगों पर महंगाई का ज्यादा असर न पड़े.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए घरेलू इस्तेमाल के लिए पेट्रोल और डीज़ल पर सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी ₹10 प्रति लीटर कम कर दी गई है। इससे ग्राहकों को कीमतों में बढ़ोतरी से सुरक्षा मिलेगी। PM मोदी ने हमेशा यह पक्का किया है कि नागरिकों को… pic.twitter.com/N5lWqsEfoQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 27, 2026
PM मोदी की रणनीति क्या है?
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा यह सुनिश्चित करते हैं कि देश के नागरिकों को जरूरी चीजों की कीमतों और सप्लाई में उतार-चढ़ाव से बचाया जाए. सरकार की कोशिश है कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे. इसी कारण डीजल और एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) के निर्यात पर भी ड्यूटी लगाई गई है. डीजल के एक्सपोर्ट पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर की ड्यूटी लगाई गई है. इससे कंपनियां ज्यादा ईंधन देश के अंदर ही बेचेंगी, जिससे घरेलू सप्लाई बनी रहेगी.
आम जनता को कितना फायदा मिलेगा?
सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला जरूर लिया गया है, लेकिन इसका सीधा फायदा आम लोगों तक तुरंत पहुंचेगा या नहीं. कई बार कंपनियां इस कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंचातीं, जिससे लोगों को वही कीमत चुकानी पड़ती है जो पहले दे रहे थे. ऐसे में असली फायदा तेल कंपनियों को ज्यादा मिल सकता है. हालांकि सरकार का उद्देश्य महंगाई को काबू में रखना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है, लेकिन आम जनता को राहत तभी मिलेगी जब कीमतों में साफ तौर पर कमी दिखेगी.
बड़े शहरों में आज के ताजा रेट
दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 100.80 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर पर है.