लू का खतरा बढ़ा तो मजदूरों की टाइमिंग बदली, कई राज्यों में दोपहर में काम बंद रहेगा.. नये नियम लागू
labors working timing change in summer: देश में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. कई जिलों में दोपहर के समय मजदूरों के काम पर रोक लगा दी गई है. लू से बचाने के लिए पानी, छाया और स्वास्थ्य सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं. इससे मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर खास ध्यान दिया जा रहा है.
Heatwave Alert: देश में इस समय गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई राज्यों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है और लू का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. खासतौर पर मजदूरों और खुले में काम करने वाले लोगों को राहत देने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं, ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी से बचाया जा सके.
आगरा मंडल में दोपहर में काम पर रोक का बड़ा फैसला
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के आगरा मंडल के चार जिलों आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. बढ़ती गर्मी को देखते हुए यहां दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मजदूरों के काम करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. यह आदेश खासतौर पर उन मजदूरों के लिए है जो खुले में काम करते हैं, जैसे निर्माण स्थल, ईंट-भट्टे और अन्य बाहरी कार्य. प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही काम के समय में बदलाव किया गया है, ताकि मजदूर सुबह और शाम के ठंडे समय में अपना काम कर सकें और दोपहर की तेज धूप से बच सकें.
मजदूरों के लिए जरूरी सुविधाएं करना होगा अनिवार्य
भीषण गर्मी के बीच प्रशासन ने ये भी सुनिश्चित किया है कि मजदूरों को काम के दौरान जरूरी सुविधाएं मिलें. अब सभी निर्माण स्थलों, फैक्ट्रियों और ईंट-भट्टों पर ठंडा पानी, ओआरएस घोल, छाया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करना अनिवार्य कर दिया गया है. इसका उद्देश्य यह है कि मजदूरों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके. इसके अलावा, मजदूरों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर ढकने और अपने साथ पानी की बोतल रखने की सलाह दी गई है. प्रशासन का मानना है कि अगर ये छोटी-छोटी सावधानियां बरती जाएं, तो गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है और मजदूर सुरक्षित रह सकते हैं.
कार्यालयों और फैक्ट्रियों में भी बदले नियम
गर्मी के असर को देखते हुए सिर्फ मजदूरों के लिए ही नहीं, बल्कि दफ्तरों और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. अब कंपनियां और संस्थान अपने काम के समय को मौसम के अनुसार बदल सकते हैं, ताकि कर्मचारियों को कम से कम परेशानी हो. इसके साथ ही, इमारतों की छतों को सफेद रंग से पेंट करने और कूल रूफ तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है, जिससे अंदर का तापमान कम रहे. सरकारी और निजी कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए भी ठंडा पानी और कूलर की व्यवस्था करना जरूरी कर दिया गया है, ताकि आम लोग भी इस गर्मी में राहत महसूस कर सकें.
देशभर में गर्मी का असर, कई राज्यों में अलर्ट जारी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गर्मी का असर अब पूरे देश में देखने को मिल रहा है.भारत के कई राज्यों जैसे राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और दिल्ली में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है. प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.4 डिग्री दर्ज किया गया. कुछ इलाकों में तो पहली बार रात में भी लू चलने की चेतावनी दी गई है, जो चिंता बढ़ाने वाली बात है. कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ जगहों पर ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी का समय भी घटा दिया गया है, ताकि वे तेज धूप में ज्यादा देर तक खड़े न रहें.