उत्तर भारत में गर्मी का रेड अलर्ट! तेज धूप से इंसान बीमार, पशु परेशान… जानें कैसे बचें इस खतरनाक लू से

Heat Wave Prevention Tips: भीषण गर्मी और लू का असर इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ रहा है. विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा पानी व तरल पदार्थ पिएं. किसानों को दोपहर के समय खेतों में काम कम करने और पानी साथ रखने की सलाह दी गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 23 May, 2026 | 10:07 AM

HeatWave Safety Tips: उत्तर भारत समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं और पक्षियों पर भी पड़ रहा है. ऐसे मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है. उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार, इसी को देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से लोगों, किसानों और पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह जारी की गई है, ताकि गर्मी के दौरान खुद को और अपने पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके.

लू क्यों बन रही है खतरनाक?

गर्मी के मौसम में जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और तेज गर्म हवाएं चलती हैं, तो शरीर का तापमान संतुलित रखना मुश्किल हो जाता है. विभाग के अनुसार, ऐसी स्थिति को ही लू लगना कहा जाता है विशेषज्ञों के अनुसार लगातार धूप में रहने, पानी कम पीने और शरीर में पानी की कमी होने से व्यक्ति जल्दी लू का शिकार हो सकता है. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है.

खुद को लू से कैसे बचाएं?

किसानों के लिए विशेष सलाह

गर्मी के मौसम में खेती-किसानी करने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है. एक्सपर्ट्स ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में काम सुबह जल्दी या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप और लू से बचा जा सके. खेत पर जाते समय पानी की बोतल जरूर साथ रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें, क्योंकि लंबे समय तक धूप में काम करने से शरीर में कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस हो सकती है. इसके अलावा किसानों को खेतों के आसपास पड़ी सूखी घास और अन्य ज्वलनशील चीजों को हटाने की भी सलाह दी गई है, ताकि गर्मी के दौरान आग लगने जैसी घटनाओं से बचाव किया जा सके.

पशुओं और पक्षियों की देखभाल भी जरूरी

  • गर्मी का असर पशुओं पर भी तेजी से पड़ता है, जिससे उनकी सेहत पर असर हो सकता है.
  • गाय, भैंस और अन्य पालतू जानवरों में गर्मी के कारण दूध उत्पादन कम हो सकता है.
  • ज्यादा गर्मी में पशु बीमार भी पड़ सकते हैं, इसलिए उनकी खास देखभाल जरूरी है.
  • पशुओं को हमेशा छायादार और हवादार जगह पर रखना चाहिए.
  • उनके पीने के लिए साफ और ठंडा पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना जरूरी है.
  • एक्सपर्ट्स के अनुसार दिन में एक या दो बार पशुओं को नहलाने या उन पर पानी छिड़कने से उन्हें राहत मिलती है.
  • पशुओं को दोपहर की तेज धूप में बाहर नहीं छोड़ना चाहिए.
  • पक्षियों के लिए भी घरों की छतों या बालकनी में पानी रखना जरूरी बताया गया है.

लू लगने पर क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, सिरदर्द या बेहोशी जैसी समस्या हो, तो उसे तुरंत छांव वाली जगह पर ले जाना चाहिए. शरीर को ठंडा करने के लिए गीले कपड़े का इस्तेमाल करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें समय पर इलाज न मिलने पर लू गंभीर रूप ले सकती है.

बढ़ती गर्मी और लू अब केवल मौसम की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पशुपालन दोनों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और सही जानकारी से इंसान और पशु दोनों को सुरक्षित रखा जा सकता है.

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Published: 23 May, 2026 | 10:02 AM

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