होर्मुज खुलते ही सरकार का बड़ा फैसला, कमर्शियल एलपीजी सप्लाई से हटाई गई पाबंदी

मध्य-पूर्व में तनाव कम होने और होर्मुज मार्ग से व्यापार सामान्य होने के बाद भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. कमर्शियल एलपीजी पर लगी पाबंदियां हटाकर आपूर्ति को पहले जैसे स्तर पर लाया गया है. थोक सप्लाई में भी राहत दी गई है, जिससे उद्योगों और बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 26 Jun, 2026 | 10:01 AM

LPG Supply: मध्य-पूर्व में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है. इसी के साथ भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कमर्शियल पैक्ड एलपीजी (Commercial gas) पर लगी सभी पाबंदियां हटा दी हैं. इसके अलावा थोक एलपीजी आपूर्ति को भी 50 प्रतिशत तक बहाल करने का आदेश जारी किया गया है. सरकार का ये कदम देश में गैस आपूर्ति को फिर से पुराने सामान्य स्तर पर लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए थे प्रतिबंध

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के कारण एलपीजी की उपलब्धता  पर असर पड़ा था. ऐसी स्थिति में घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट रसोई गैस उपलब्ध कराने के लिए कमर्शियल और औद्योगिक क्षेत्र की एलपीजी आपूर्ति पर अस्थायी पाबंदियां लगाई गई थीं. इस दौरान गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति को सीमित कर दिया गया था ताकि घरेलू जरूरतें प्रभावित न हों.

पेट्रोलियम मंत्रालय का आदेश और नई व्यवस्था

अब स्थिति सामान्य होने के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ नीरज मित्तल ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड एलपीजी (LPG) पर लगी सभी पाबंदियां पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं. मंत्रालय के सचिव ने स्पष्ट किया है कि अब आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर पर वापस लाया जाएगा. इसका उद्देश्य औद्योगिक और व्यावसायिक मांग  को पूरी तरह पूरा करना है.

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सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सप्लाई सामान्य स्तर पर बहाल की.

थोक एलपीजी आपूर्ति पर भी राहत

सरकार ने केवल पैक्ड एलपीजी ही नहीं, बल्कि थोक एलपीजी आपूर्ति पर भी राहत दी है. अब थोक आपूर्ति को संकट  से पहले के उपभोग स्तर के 50 प्रतिशत तक बहाल किया जाएगा. इससे होटल, रेस्तरां, फैक्ट्रियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. लंबे समय से सप्लाई कम होने के कारण इन क्षेत्रों पर दबाव बना हुआ था.

डेटा निगरानी और भविष्य की तैयारी

नए आदेश के अनुसार सभी व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं का डेटा अब तेल विपणन कंपनियों के डेटाबेस में दर्ज किया जाएगा. सरकार एक एकीकृत प्रणाली विकसित करने पर भी काम कर रही है, जिससे क्षेत्रवार खपत  की बेहतर निगरानी की जा सके. इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपूर्ति संकट के समय तेज और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है.

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Published: 26 Jun, 2026 | 09:59 AM

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