कम पानी में भी देगा 40 टन तक उत्पादन, ICAR के वैज्ञानिकों ने तैयार किए नए किस्म का कसावा
नई कसावा किस्म श्री अन्नम किसानों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है. यह कम पानी और कम खाद में भी अच्छी पैदावार देती है. करीब 9 से 10 महीने में तैयार होने वाली यह फसल ज्यादा उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के कारण किसानों की कमाई बढ़ाने में मदद कर सकती है.
Cassava Variety: खेती में नई तकनीक और बेहतर किस्में किसानों की कमाई बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं. अब कसावा की एक नई किस्म ICAR (Indian Council of Agricultural Research) केरल के वैज्ञानिकों ने तैयार की है, जिसका नाम श्री अन्नम रखा गया है. यह किस्म कम संसाधनों में ज्यादा उत्पादन देने के लिए जानी जा रही है. खास बात यह है कि यह फसल कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है, जिससे सूखा प्रभावित इलाकों के किसानों को भी फायदा मिल सकता है. यह नई किस्म किसानों के लिए आसान खेती और बेहतर कमाई का मौका दे सकती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि सही तरीके से खेती करने पर यह किस्म कम समय में ज्यादा उपज देती है और खाने में भी स्वादिष्ट होती है.
ज्यादा उत्पादन देने वाली किस्म
केरल के ICAR वैज्ञानिकों के अनुसार श्री अन्नम कसावा की ऐसी किस्म है जो कम समय में अच्छी पैदावार देती है. यह फसल लगभग 9 से 10 महीने में तैयार हो जाती है. इसकी उपज करीब 30 से 40 टन प्रति हेक्टेयर तक हो सकती है, जो सामान्य किस्मों से ज्यादा मानी जाती है. इस वजह से किसान कम जमीन में भी ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. ज्यादा पैदावार होने से किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद रहती है. यही कारण है कि इसे किसान हितैषी किस्म माना जा रहा है.
कम खर्च में ज्यादा पैदावार देगी नई कसावा किस्म.
कम खाद में भी अच्छी बढ़वार
इस किस्म की खास बात यह है कि यह पौधा मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों का बेहतर इस्तेमाल करता है. यानी ज्यादा खाद डालने की जरूरत कम पड़ती है. इससे खेती की लागत कम हो सकती है और किसान को फायदा मिल सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि संतुलित खाद देने पर यह फसल और भी अच्छा उत्पादन देती है. कम खर्च में ज्यादा पैदावार होने से छोटे किसानों के लिए यह किस्म उपयोगी साबित हो सकती है.
सूखे में भी नहीं घटेगी पैदावार
आजकल मौसम बदलने की वजह से खेती करना मुश्किल होता जा रहा है. कभी ज्यादा बारिश तो कभी सूखा किसानों के लिए परेशानी बन जाता है. लेकिन श्री अन्नम किस्म सूखे की स्थिति को भी काफी हद तक सहन कर सकती है. इस वजह से कम पानी वाले इलाकों में भी इसकी खेती की जा सकती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह किस्म मौसम के बदलते हालात में भी स्थिर उत्पादन देने में मदद कर सकती है.
पौष्टिक और सेहत के लिए फायदेमंद
श्री अन्नम कसावा की जड़ का रंग गहरा पीला होता है. इसमें कैरोटीन नाम का पोषक तत्व पाया जाता है, जो शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसी कारण इसे पोषक किस्म भी कहा जा रहा है. इसका स्वाद हल्का मीठा होता है और पकाने पर अच्छा लगता है. इसलिए इसे घर में खाने के साथ-साथ अलग-अलग खाद्य उत्पाद बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
किसानों के लिए आसान और फायदेमंद खेती
वैज्ञानिकों के अनुसार श्री अन्नम किस्म की खेती करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. सही समय पर रोपाई, सिंचाई और खाद देने से अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. यह किस्म किसानों के लिए इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें कम लागत, ज्यादा उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता तीनों फायदे मिलते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसान नई किस्मों को अपनाएं तो खेती ज्यादा लाभदायक बन सकती है. श्री अन्नम कसावा की यह किस्म भविष्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद कर सकती है और खेती को मजबूत बना सकती है.