Kashmiri Saffron Price Rise: पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव का असर अब भारत के कश्मीर के केसर बाजार पर भी साफ दिखने लगा है. दुनिया के सबसे कीमती मसालों में शामिल कश्मीरी केसर की कीमतें पिछले एक साल में काफी बढ़ गई हैं. जहां पहले प्रीमियम क्वालिटी केसर की कीमत करीब 200 से 250 रुपये प्रति ग्राम थी, अब यह बढ़कर 340 से 350 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई है. वहीं GI टैग वाला कश्मीरी केसर अब लगभग 380 रुपये प्रति ग्राम तक बिक रहा है.
सप्लाई में कमी बनी बड़ी वजह
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह ईरान से सप्लाई में बाधा है. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान दुनिया के कुल केसर उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा देता है. वहां तनाव और संघर्ष की स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है. कश्मीर में भी उत्पादन में गिरावट ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है.
केसर व्यापारियों के अनुसार, कश्मीर में पिछले कुछ सालों से केसर उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है. इसी कारण कई व्यापारी बाजार की मांग पूरी करने के लिए ईरानी केसर भी बेचते हैं. पिछले साल उत्पादन केवल 5 से 10 प्रतिशत तक ही रह गया था, जो सामान्य के मुकाबले बहुत कम है.
सरकारी आंकड़े क्या कहते हैं?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में केसर उत्पादन में पिछले कुछ सालों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है.
- 2020-21 में उत्पादन: 17.33 टन
- 2021-22 में उत्पादन: 14.87 टन
- 2022-23 में उत्पादन: 14.94 टन
- 2023-24 में बढ़कर: 23.53 टन
- 2024-25 में फिर गिरकर: 19.58 टन
यह डेटा साफ दिखाता है कि उत्पादन स्थिर नहीं रह पाया है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है.
केसर की दो प्रमुख किस्में और उनकी कीमत
कश्मीरी केसर मुख्य रूप से दो ग्रेड में बेचा जाता है: मोंगरा और लाचा.
- मोंगरा: यह प्रीमियम क्वालिटी का केसर होता है, जिसमें पूरी तरह लाल रंग और तेज सुगंध होती है.
- लाचा: इसमें लाल धागों के साथ कुछ पीले हिस्से भी होते हैं, इसलिए इसकी कीमत थोड़ी कम रहती है.
दोनों ही किस्मों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन मोंगरा केसर लाचा से लगभग 40-50 रुपये प्रति ग्राम महंगा बिक रहा है.
ईरानी केसर की कीमतों में भी उछाल
सिर्फ कश्मीरी ही नहीं, बल्कि ईरानी केसर की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है. पहले जो केसर 150 से 160 रुपये प्रति ग्राम मिलता था, अब उसकी कीमत बढ़कर 190 से 200 रुपये प्रति ग्राम तक पहुंच गई है.
जब तक वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में स्थिरता नहीं आती और स्थानीय उत्पादन में सुधार नहीं होता, तब तक केसर की कीमतों में नरमी की संभावना कम है. फिलहाल बाजार में मांग मजबूत है लेकिन उपलब्धता सीमित है, जिससे कीमतें आने वाले समय में भी ऊंची बनी रह सकती हैं.