फर्टिलाइजर पर पुतिन-मोदी का बड़ा एग्रीमेंट, रूस में बनेगा खाद प्लांट.. भारत की 3 कंपनियों की होगी हिस्सेदारी
India Russia Fertilizer Agreement: भारत रूस के बीच आज कई समझौते हुए हैं, जिसके तहत रूस में नया यूरिया प्लांट बनाया जाएगा, जिसमें भारत की तीन कंपनियों की हिस्सेदारी होगी. कहा गया है कि यह प्लांट सालाना 20 लाख यूरिया का उत्पादन करेगी, जो भारत की खेती में इस्तेमाल होगी.
भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और पीएम मोदी ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. इनमें से एक समझौता फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और सप्लाई का भी है. इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन के तहत भारतीय कंपनियों ने रूस में यूरिया प्लांट लगाने के लिए रूस की कंपनी URALCHEM के साथ एक डील साइन की. इसके तहत रूस में नया यूरिया प्लांट बनाया जाएगा, जिसमें भारत की तीन कंपनियों की हिस्सेदारी होगी. कहा गया है कि यह प्लांट सालाना 20 लाख यूरिया का उत्पादन करेगी, जो भारत की खेती में इस्तेमाल होगी.
रूस में बनेगा फर्टिलाइजर प्लांट, भारत में होगी खाद की सप्लाई
रूस-भारत के बीच रक्षा, व्यापार, कृषि समेत कई बिंदुओं पर समझौते हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार फर्टिलाइजर प्रोडक्शन और सप्लाई को लेकर भी समझौता हुआ है.समझौते के तहत रूस में एक नया यूरिया प्लांट (urea plant) स्थापित किया जाएगा. इस प्लांट में भारत की RCF, NFL, IPL और रूस की Uralchem मिलकर भागीदारी करेंगी.
प्लांट से 20 लाख टन फर्टिलाइजर उत्पादन होगा
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों और रूस की कंपनी मिलकर इस प्लांट में मुख्य रूप से यूरिया का उत्पादन करेंगी. कहा जा रहा है कि यह प्लांट सालाना लगभग 20 लाख टन यूरिया उत्पादन क्षमता वाला होगा. इस यूरिया को भारत की खेती में इस्तेमाल किया जा सकेगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भारतीय कंपनियों ने रूस के टॉप पोटाश और अमोनियम नाइट्रेट प्रोड्यूसर यूरालकेम ग्रुप के साथ एक डील साइन की है. इस डील को लेकर एजेंसी ने एक दिन पहले ही सूत्रों के हवाले से कंफर्म कर दिया था.
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फर्टिलाइजर प्लांट में किस कंपनी की कितनी होगी हिस्सेदारी
इस डील का मकसद भारत की लंबे समय की फर्टिलाइजर सिक्योरिटी को मजबूत करना है. एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि नए प्लांट में भारत की फर्टिलाइजर कंपनी इंडिया पोटाश लिमिटेड और राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RSTC.NS) की जॉइंट वेंचर में 22.5% हिस्सेदारी होगी. इसके अलावा नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NAFT.NS) 5% हिस्सेदारी लेगी, जबकि यूरालकेम बाकी हिस्सेदारी रखेगी और प्रोजेक्ट को लीड करेगी. एक सोर्स ने बताया कि नया प्लांट नैचुरल गैस पर चलेगा और ओमान में भारत के लंबे समय से चल रहे विदेशी फर्टिलाइजर जॉइंट वेंचर जैसा ही मॉडल अपनाएगा.
रूस और भारत के बीच कौन से समझौते हुए
लीडर्स की मौजूदगी में फर्टिलाइजर, फूड सेफ्टी, हेल्थ, माइग्रेशन, मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स और एनर्जी समेत कई सेक्टर में कई एग्रीमेंट पर साइन हुए.
फ्यूल सप्लाई: रूस ने भारत को बिना रुकावट फ्यूल शिपमेंट का भरोसा दिया है. प्रेसिडेंट पुतिन ने कहा कि हम बढ़ती भारतीय इकॉनमी के लिए फ्यूल की बिना रुकावट शिपमेंट जारी रखने के लिए तैयार हैं.
फूड सेफ्टी और कंज्यूमर प्रोटेक्शन: एग्रीमेंट में भारत की FSSAI और रूस की कंज्यूमर प्रोटेक्शन बॉडी शामिल थी.
हेल्थ सेक्टर: मेडिकल साइंस और हेल्थकेयर में कोलेबोरेशन को बढ़ावा देने के लिए MoU साइन किए गए.
पोर्ट और शिपिंग: भारत और रूस ने मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स में कोलेबोरेशन को मजबूत करने के लिए एक MoU साइन किया.
माइग्रेशन और मोबिलिटी: देशों के बीच माइग्रेशन और मोबिलिटी को आसान बनाने के लिए एग्रीमेंट साइन किए गए.