Kharif Conference: देश में खेती और किसानों को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत का कृषि क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. सम्मेलन के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारी, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिक और एफपीओ प्रतिनिधि शामिल हुए हैं, ताकि खेती से जुड़ी चुनौतियों और समाधान पर विस्तार से चर्चा की जा सके.
राज्यों की समस्याओं पर होगा अलग-अलग मंथन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती राज्यों से जुड़ा विषय है, इसलिए इस बार खरीफ सम्मेलन को पहले से ज्यादा बड़ा और व्यापक बनाया गया है. उन्होंने बताया कि राज्यों को अलग-अलग समूहों में बांटकर उनकी स्थानीय समस्याओं, मौसम की स्थिति और फसलों से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा होगी. कृषि मंत्री ने कहा कि अगले चरण में राज्यों के कृषि मंत्री भी इस चर्चा में शामिल होंगे, ताकि योजनाओं और नीतियों को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सके.
खाद्यान्न उत्पादन में टूटा हर रिकॉर्ड
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की मेहनत और वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई नई बीज किस्मों की वजह से इस साल देश में खाद्यान्न उत्पादन ने नया रिकॉर्ड बनाया है. सरकार के तीसरे अनुमान के अनुसार, साल 2025-26 में कुल खाद्यान्न उत्पादन करीब 3765.63 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल से लगभग 188 लाख टन ज्यादा है. कृषि मंत्री ने कहा कि यह सफलता देश के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है.
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चावल उत्पादन में भारत बना नंबर वन
कृषि मंत्री ने दावा किया कि चावल उत्पादन के मामले में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और अब दुनिया में पहले स्थान पर पहुंच गया है.
इसके अलावा:
- गेहूं उत्पादन: 1206.57 लाख टन
- मक्का उत्पादन: 550.92 लाख टन
- तिलहन उत्पादन: 430.59 लाख टन
का अनुमान लगाया गया है.
मूंगफली और सरसों जैसी फसलों में भी रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया है.
दलहन और तिलहन मिशन पर सरकार का जोर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत को अभी भी दाल और तिलहन की जरूरत पूरी करने के लिए विदेशों से आयात करना पड़ता है. इसे कम करने के लिए सरकार खास अभियान चला रही है. दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्यों के साथ मिलकर करीब 400 क्लस्टर बनाए जा रहे हैं. इन क्षेत्रों में किसानों को अच्छे बीज, नई खेती तकनीक और फसल प्रोसेसिंग की सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि उत्पादन बढ़ सके.
प्राकृतिक खेती को मिल रहा बढ़ावा
सरकार “खेत बचाओ अभियान” के तहत प्राकृतिक खेती को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है.
कृषि मंत्री के अनुसार:
- लगभग 18 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकरण कराया है.
- करीब 8 लाख हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू हो चुकी है.
इसके अलावा बागवानी और कपास मिशन पर भी तेजी से काम किया जा रहा है.
मौसम की चुनौतियों से निपटने की तैयारी
जलवायु परिवर्तन और अनियमित बारिश को देखते हुए सरकार अब हर जिले के लिए अलग आपात योजना तैयार कर रही है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौसम की परेशानी से डरने के बजाय उसका समाधान निकालना जरूरी है. उन्होंने बताया कि जिन जिलों में मौसम का ज्यादा असर पड़ सकता है, वहां किसानों को दूसरी फसलें उगाने की सलाह और खास बीज उपलब्ध कराए जाएंगे.
छोटे किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
सरकार छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए अब एकीकृत खेती मॉडल पर काम कर रही है. इसके साथ ही किसानों को सिर्फ खेती तक सीमित न रखकर ‘अन्नदाता’ से ‘ऊर्जा दाता’ बनाने की कोशिश हो रही है. इसके तहत खेतों में सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान खेती के साथ-साथ बिजली बनाकर भी अतिरिक्त कमाई कर सकें.
डिजिटल कृषि और किसान क्रेडिट कार्ड पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार कृषि ऋण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर काम कर रही है ताकि सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिल सके.
इसके अलावा:
- किसान आईडी
- डिजिटल कृषि
- एग्री इंफ्रा फंड
- पीएम-आशा योजना
जैसी योजनाओं को भी मजबूत किया जा रहा है.
जल्द आ सकता है नया कीटनाशक विधेयक
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कीटनाशक कानून को लेकर मिले सुझावों की जांच पूरी हो चुकी है. सरकार की कोशिश है कि इसे आने वाले संसद सत्र में पेश किया जाए. इसके साथ ही किसानों तक खेती से जुड़ी जानकारी पहुंचाने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर और क्षेत्रीय सम्मेलन भी किए जा रहे हैं.