किसान इंडिया की एग्री रैंकिंग.. जानिए कहां आगे रहा उत्तर प्रदेश और कहां चौंकाया उत्तराखंड ने

हमने रैंकिंग के लिए छह क्षेत्रों में टॉप फाइव राज्यों को जानने की कोशिश की. इसके लिए एक कमेटी बनी, जिसमें देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक थे. सबसे पहले था ग्रेन यानी अनाज. या यूं कहें कि गेहूं और चावल. इस क्षेत्र में टॉप फाइव चुनते हुए ही हमारे एक्सपर्ट ने धमाका किया. बताया कि जिस राज्य को उसे क्षेत्रफल और खेती के लिए जाना जाता है, वो गेहूं-चावल के टॉप फाइव में नहीं है.

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नोएडा | Updated On: 16 May, 2026 | 03:03 PM

Kisan India Magazine: हम देखते सुनते पढ़ते रहे हैं कि किस नेता की लोकप्रियता ज्यादा है. या कौन सा राज्य सबसे समृद्ध, सबसे पढ़ा-लिखा है. या और भी तमाम सर्वे होते रहे हैं. इसी तरह रैंकिंग को लेकर भी हम भारतीय हमेशा सजग रहते हैं और इसमें रुचि लेते हैं. विराट कोहली नंबर वन क्रिकेटर हैं यो कोई और, इसमें रुचि होती है. मेसी दुनिया के नंबर वन फुटबॉलर हैं या रोनाल्डो.. यह बहस हम सुनते ही रहे हैं. लेकिन खेती-किसानी में नंबर एक कौन है, इसे लेकर बात नहीं होती. इसीलिए हमने यानी किसान इंडिया ने तय किया कि खेती-किसानी के इस देश में कौन सा राज्य है, जो नंबर एक है.

हमने छह क्षेत्रों में टॉप फाइव राज्यों को जानने की कोशिश की. इसके लिए एक कमेटी बनी, जिसमें देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक थे. सबसे पहले था ग्रेन यानी अनाज. या यूं कहें कि गेहूं और चावल. इस क्षेत्र में टॉप फाइव चुनते हुए ही हमारे एक्सपर्ट ने धमाका किया. बताया कि जिस राज्य को उसे क्षेत्रफल और खेती के लिए जाना जाता है, वो गेहूं-चावल  के टॉप फाइव में नहीं है. वह राज्य है मध्य प्रदेश. जिन राज्यों को चुना गया, वो हैं पहले नंबर पर पंजाब. उसके बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चकित करने वाला उत्तराखंड और बिहार. शरबती गेहूं के लिए प्रसिद्ध मध्य प्रदेश क्यों नहीं है, इसको आप विस्तार से मैगजीन में पढ़ सकते हैं.

महाराष्ट्र ने चौंकाने वाला नतीजा दिया

उसके बाद बारी आती है दालों की. यहां भी चौंकाने वाला एक नतीजा महाराष्ट्र ने दिया, जो दूसरे नंबर से उछलकर टॉप पर आ गया. पहले नंबर पर मध्य प्रदेश था, जो तीसरे नंबर पर आ गया. तो नंबर कुछ इस तरह बने. पहले पर महाराष्ट्र, उसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात.

मिलेट्स उत्पादन मेंं कौन सा राज्य अव्वल

श्री अन्न या मिलेट्स पर पिछले कुछ सालों में काफी चर्चा हुई है. इसमें पहला स्थान पाया है राजस्थान ने. दूसरे पर कर्नाटक, तीसरे पर महाराष्ट्र, चौथे पर उत्तर प्रदेश और पांचवें पर गुजरात हैं. अब बारी आती है बागवानी की. उसमें पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश, दूसरे पर पश्चिम बंगाल, फिर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात हैं.
बागवानी की तरह पशुपालन में भी पहला स्थान रहा उत्तर प्रदेश के नाम. राजस्थान दूसरे, गुजरात तीसरे, महाराष्ट्र चौथे और आंध्र प्रदेश पांचवें स्थान पर रहा. फिशरीज अब तक तटीय राज्यों के आसपास सिमटा दिख रहा था. लेकिन इसने बाकी देश में भी पैर जमा लिया है. हालांकि टॉप फाइव में एक ही ऐसा राज्य है, लेकिन उस राज्य का तीसरे नंबर पर आना बड़ी उपलब्ध है. पहले स्थान पर आंध्र प्रदेश और दूसरे पर पश्चिम बंगाल है. लेकिन तीसरे पर उत्तर प्रदेश है, जो तटीय नहीं है. धार्मिक मान्यताओं के चलते भी इस राज्य का ऊपर आना बड़ी बात है. संभव है, अगली बार सूची और बदली हुई दिखे. चौथे नंबर पर कर्नाटक और पांचवें पर ओडिशा है.

टॉप राज्यों को इस तरह किया गया चयन

इन छह क्षेत्रों में हमने रैंकिंग की. कोशिश की कि सरकारी आंकड़ों के साथ कुछ और पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चयन किया जाए. बहुत-सी बातें ऐसी हुईं, चर्चा हुई. पहली बार है, तो किन फसलों को रखा जाए या खेती के किन क्षेत्रों पर बात की जाए, इसे लेकर भी काफी सहमति असहमति सामने आई. कुछ क्षेत्र थे, जो हम लेना चाहते थे, लेकिन समय की कमी से नहीं ले पाए. कुछ ऐसी बातें हुईं, जिन पर सहमति नहीं बनी. कुछ ऐसी रहीं, जिनमें तय हुआ कि अगले अंक में इसे शामिल करेंगे. मैगजीन वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसे आप पढ़ सकते हैं. हार्ड कॉपीज भी उपलब्ध हैं.

तकरीबन तीन महीने की मेहनत के बाद उस सपने ने ई-मैगजीन का आकार लिया. हम यह नहीं कह सकते कि जैसा चाहते थे, ठीक वैसी मैगजीन है. लेकिन पहली बार है. बच्चे के चलने की तरह है. अपने पैरों पर खड़े होने का पहला प्रयास है. बच्चे ने ठुमक कर चलना शुरू किया है. अगली बार वह दौड़ेगा.

रैंकिंग तय करने में कृषि वैज्ञानिकों की भूमिका

कमेटी में गेहूं और चावल के लिए रैंकिंग तय की है डॉ. एन. रविशंकर ने. डॉ. रविशंकर प्रतिष्ठित एग्रोनॉमिस्ट और भारत में समेकित व टिकाऊ कृषि प्रणालियों के अग्रणी विशेषज्ञ हैं. वर्तमान में वे आईसीएआर- भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ में समेकित कृषि प्रणाली  पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP) के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं. दालों की रैंकिंग डॉ. सुशील कुमार चतुर्वेदी ने की है, जो रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (RLBCAU), झांसी में निदेशक अनुसंधान के रूप में कार्यरत हैं और दलहन फसल सुधार के क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं.

मिलेट्स की बात की है प्रो. अनिल कुमार ने. प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक और शिक्षाविद् हैं, जिनके पास शिक्षा, अनुसंधान और संस्थागत विकास में 35 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्विद्यालय में वो डायरेक्टर, रिसर्च हैं. बागवानी की जिम्मेदारी संभाली डॉ. रविंद्र कुमार तोमर ने. डॉ. तोमर उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के सेवानिवृत्त निदेशक हैं.

फिशरीज में वैज्ञानिक अतुल कुमार का अहम रोल

मत्स्य यानी फिशरीज की रैंकिंग की जिम्मेदारी निभाई डॉक्टर अतुल कुमार सिंह ने, जो एक प्रतिष्ठित मत्स्य वैज्ञानिक हैं, जिनके पास मत्स्य अनुसंधान, नीति निर्माण और संस्थागत नेतृत्व का 38 वर्षों से अधिक का अनुभव है. पशुपालन के लिए रैंकिंग डॉ. आनंद सेजरा ने की. डॉ. सेजरा एक प्रतिष्ठित पशु चिकित्सक और कुशल एडमिनिस्ट्रेटर रहे हैं, जिन्होंने लगभग 35 वर्षों के अपने लंबे करियर में राजस्थान में पशुपालन विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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Published: 16 May, 2026 | 02:59 PM
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