कुरुक्षेत्र में 11.25 करोड़ का धान घोटाला! मिल संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज.. जांच शुरू

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने कहा कि कुरुक्षेत्र का ये धान घोटाला  कोई नई बात नहीं है. आढ़ती, मंडी अधिकारी और खरीद एजेंसियां मिलकर कई सालों से पूरे राज्य में धान का घोटाला कर रहे थे. लेकिन इस साल बड़े पैमाने पर धान घोटाले के मामले उजागर हुए हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 29 Mar, 2026 | 10:38 AM

Paddy Scam: हरियाणा में आए दिन धान घोटाला के मामले आ रहे हैं. हालांकि, प्रशासन कार्रवाई भी कर रही है. लेकिन इसके बावजूद भी मामले कम होने के नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा  माला कुरुक्षेत्र जिले में सामने आया है, जहां पुलिस को जांच में इस्माइलाबाद स्थित एक राइस मिल में करीब 38,894 क्विंटल धान और 17,860 नए गन्नी बैग गायब मिले, जिनकी कीमत लगभग 11.25 करोड़ रुपये है. इसके बाद मिल के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. वहीं, मामले के उगाजर होने के बाद किसान नेताओं में गुस्सा है.

एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व हरियाणा अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने कहा कि कुरुक्षेत्र का ये धान घोटाला  कोई नई बात नहीं है. आढ़ती, मंडी अधिकारी और खरीद एजेंसियां मिलकर कई सालों से पूरे राज्य में धान का घोटाला कर रहे थे. लेकिन इस साल बड़े पैमाने पर धान घोटाले के मामले उजागर हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी किसानों के नाम पर धान खरीद के लिए नकली गेट पास और रसीदें बनाकर करोड़ों रुपये का घोटाला किया जाता था. उन्होंने कहा कि ऐसे घोटालों को रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए. साथ ही, निजी कंपनियों को भी धान खरीद में शामिल करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जिससे मंडियों में धान का भाव एमएसपी से ऊपर जा सके.

जांच के दौरान करीब 38,894 क्विंटल धान कम पाया गया

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 28 मार्च को इस्माइलाबाद थाने में रीटा, बीर कुमार, गौरव बंसल और मुख्तियार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जो जगदंबा राइस मिल के पार्टनर और जमानती बताए जा रहे हैं. हैफेड के जिला प्रबंधक शमशेर सिंह की शिकायत के अनुसार, खरीफ सीजन 2025-26 में कस्टम मिलिंग  के लिए 59,115 क्विंटल धान आवंटित किया गया था. 24 मार्च को राइस मिल की जांच के दौरान करीब 38,894 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 11.11 करोड़ रुपये से ज्यादा है.

हैफेड के 17,860 नए गन्नी बैग भी गायब मिले

इसके अलावा, हैफेड के 17,860 नए गन्नी बैग भी गायब मिले, जिनकी कीमत लगभग 14.24 लाख रुपये बताई गई है. इस तरह कुल मिलाकर गायब सरकारी स्टॉक की कीमत करीब 11.25 करोड़ रुपये आंकी गई है. भारतीय किसान यूनियन (चारुनी) के प्रवक्ता राकेश बैंस ने द ट्रिब्यून से कहा कि 24 मार्च को राइस मिल की जांच हुई थी, लेकिन तब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. एफआईआर केवल तब दर्ज की गई जब किसान संगठनों ने शनिवार को हड़ताल की चेतावनी दी. यूनियन बार-बार राज्य सरकार से हरियाणा में धान घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रही है.

घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो

उन्होंने आगे कहा कि उनके अनुमान के अनुसार, राज्य में धान खरीद सीजन के दौरान करीब 5,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. सरकार को सभी राइस मिलों की कई टीमों से बार-बार जांच करवा कर सचाई का पता लगाना चाहिए. घोटाले में शामिल मिल मालिकों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (पिहोवा) के प्रवक्ता प्रिंस वरैच ने कहा कि कुरुक्षेत्र में यह दूसरी एफआईआर है और उन्हें विश्वास है कि आने वाले दिनों में और भी एफआईआर दर्ज होंगी. सरकार को अधिकारियों की लापरवाही  पर कार्रवाई करनी चाहिए और बताना चाहिए कि आवंटित धान आखिर गायब कैसे हुआ. किसान यूनियन बार-बार कह रही थी कि फर्जी गेट पास जारी किए जा रहे हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. अब धीरे-धीरे सच्चाई सामने आ रही है.

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Published: 29 Mar, 2026 | 08:45 AM
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