क्या 14.2 किलो LPG सिलेंडर में मिलेगी सिर्फ 10 किलो गैस? सरकार ने बताया सच
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और गैस सप्लाई को लेकर आई खबरों के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया था. कई लोगों को लगा कि गैस की कमी के कारण सरकार सिलेंडर का वजन कम कर सकती है, जिससे ज्यादा घरों तक गैस पहुंचाई जा सके. लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है.
LPG cylinder: पिछले कुछ दिनों से रसोई गैस (LPG) को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें सामने आ रही थीं. खासतौर पर यह बात तेजी से फैल रही थी कि सरकार 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर में गैस की मात्रा घटाकर 10 किलो कर सकती है. इस खबर से आम लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी. लेकिन अब सरकार ने इस पर साफ बयान देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है और लोगों को राहत दी है.
सिलेंडर का वजन घटाने की खबर पूरी तरह गलत
केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू LPG सिलेंडर के वजन में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन खबरों को पूरी तरह भ्रामक और अफवाह बताया है.
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर में गैस की मात्रा घटाकर 10 किलो करने जैसा कोई प्रस्ताव न तो तैयार किया गया है और न ही इस पर विचार चल रहा है. ऐसे में लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.
#WATCH | Delhi: On reports of 14.2 KG domestic LPG cylinders converted to 10 KG LPG cylinders, Sujata Sharma, Joint Secretary (Marketing & Oil Refinery), Ministry of Petroleum & Natural Gas, says, “This is highly speculative, and there cannot be any comment or explanation to any… pic.twitter.com/fjGkJ6Fb1k
— ANI (@ANI) March 23, 2026
लोगों को क्यों हुई थी चिंता
दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और गैस सप्लाई को लेकर आई खबरों के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया था. कई लोगों को लगा कि गैस की कमी के कारण सरकार सिलेंडर का वजन कम कर सकती है, जिससे ज्यादा घरों तक गैस पहुंचाई जा सके. लेकिन सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है और घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही पूरा गैस सिलेंडर मिलेगा.
समुद्र से आई राहत की बड़ी खबर
जहां एक तरफ अफवाहों को खारिज किया गया, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने LPG सप्लाई को लेकर एक अच्छी खबर भी दी है. शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में फंसे दो बड़े भारतीय गैस टैंकर अब सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों के नाम ‘जग वसंत’ और ‘पाइन गैस’ हैं, जिनमें करीब 93,000 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है. इन टैंकरों के भारत पहुंचने से देश में गैस की सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है और संभावित कमी की चिंता भी कम होगी.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना था चुनौती
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से गुजरने वाले जहाजों पर असर पड़ा था. यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. तनाव के चलते कुछ समय के लिए जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन कूटनीतिक बातचीत के बाद भारत के जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल गया है.
जल्द सुधर सकती है सप्लाई स्थिति
विशेषज्ञों का मानना है कि इन टैंकरों के पहुंचने से घरेलू बाजार में LPG की उपलब्धता बेहतर होगी. इससे न सिर्फ सप्लाई सामान्य होगी, बल्कि लोगों को गैस की कमी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा. सरकार भी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी न हो.