Noida Farmers: नोएडा के किसानों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है. नोएडा प्राधिकरण ने 5 प्रतिशत किसान कोटे के तहत लंबे समय से लंबित प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्राधिकरण की योजना के मुताबिक 350 से अधिक पात्र किसानों को प्लॉट दिए जाएंगे. खास बात यह है कि इस बार प्लॉट की लोकेशन और श्रेणी का फैसला ड्रॉ के जरिए किया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे.
दिवाली से पहले किसानों को मिल सकता है बड़ा तोहफा
नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के लंबित 5 प्रतिशत कोटे के प्लॉट आवंटन को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत 350 से अधिक योग्य किसानों को उनके हक का प्लॉट मिलने की उम्मीद है. प्राधिकरण ने इसके लिए सेक्टर-146 समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जमीन की पहचान कर ली है. लंबे समय से अपने प्लॉट का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह फैसला राहत लेकर आया है.
सालों से अटकी प्रक्रिया अब एक साथ होगी पूरी
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक अलग-अलग किसानों के मामलों को अलग तरीके से निपटाने में काफी समय लग रहा था. इसी वजह से सभी पात्र किसानों की एक संयुक्त सूची तैयार की गई है. अब इन मामलों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है. इससे लंबित आवंटन प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है और किसानों को वर्षों से चल रही प्रतीक्षा से राहत मिल सकती है.
ड्रॉ से तय होगी किसे कौन सा प्लॉट मिलेगा
इस बार प्लॉट आवंटन में लोकेशन को लेकर किसी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे, इसके लिए ड्रॉ प्रणाली अपनाई जाएगी. यानी किस किसान को कौन सा प्लॉट मिलेगा, इसका फैसला ड्रॉ के नतीजे से होगा. अगर किसी किसान के नाम कॉर्नर प्लॉट निकलता है तो उसे वही प्लॉट आवंटित किया जाएगा. इसी तरह पार्क के सामने या 12 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़क पर स्थित प्रीमियम लोकेशन वाले प्लॉट भी ड्रॉ के आधार पर मिलेंगे.
पारदर्शी तरीके से पूरा होगा पूरा आवंटन
नोएडा प्राधिकरण के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) क्रांति शेखर के अनुसार 5 प्रतिशत कोटे के बचे हुए प्लॉटों के आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है. प्राधिकरण का प्रयास है कि दिवाली से पहले 350 से अधिक किसानों को उनके प्लॉट सौंप दिए जाएं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि श्रेणी और स्थान का निर्धारण ड्रॉ से करने का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवाद से दूर रखना है. ऐसे में दिवाली से पहले इन किसानों के लिए वर्षों पुराना इंतजार खत्म होने की उम्मीद है.