फिशिंग मिशन के लिए 2295 करोड़ मंजूर, मछुआरों की बढ़ेगी कमाई, 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

Deep Sea Fishing Mission: ओडिशा सरकार ने मछुआरों की आय बढ़ाने और समुद्री कारोबार को मजबूत करने के लिए 2,295 करोड़ रुपये के डीप सी फिशिंग मिशन को मंजूरी दी है. इस योजना से गहरे समुद्र में आधुनिक तरीके से मछली पकड़ने को बढ़ावा मिलेगा, हर साल 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त मछली उत्पादन होगा.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 2 Jul, 2026 | 11:58 AM

Odisha Cabinet Decision: ओडिशा सरकार ने राज्य के मछुआरों और समुद्री कारोबार को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में डीप सी फिशिंग मिशन (Deep Sea Fishing Mission) को मंजूरी दे दी गई. इस योजना पर अगले 10 साल में 2,295.45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य ओडिशा को देश का प्रमुख समुद्री उत्पादों का निर्यात केंद्र बनाना और मछुआरों की आय बढ़ाना है.

आधुनिक तरीके से मछली पकड़ने की व्यवस्था

सरकार का यह मिशन मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास विभाग की प्रमुख योजना है. इसके तहत समुद्र के गहरे हिस्सों में वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक से मछली पकड़ने को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे समुद्री संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा और मछुआरों को ज्यादा उत्पादन के साथ बेहतर आमदनी मिल सकेगी. इसके अलावा मछली पकड़ने के लिए जरूरी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी और समुद्री मत्स्य उद्योग को नई तकनीक से जोड़ा जाएगा.

10 साल में खर्च होंगे 2,295 करोड़ रुपये

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि, यह मिशन 2026 से 2036 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, लाभार्थियों की भागीदारी, संस्थागत वित्त और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल का सहारा लिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इस योजना से समुद्री अर्थव्यवस्था यानी ब्लू इकोनॉमी को मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी.

बनेगा ब्लू इकोनॉमी हब

इस मिशन के तहत राज्य में एक विशेष ब्लू इकोनॉमी हब (B-Hub) भी बनाया जाएगा. यह केंद्र नई तकनीक, रिसर्च, प्रशिक्षण और अलग-अलग परियोजनाओं के समन्वय का काम करेगा. इससे मछली पालन क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाना आसान होगा और समुद्री कारोबार को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकेगा. सरकार के मुताबिक इस मिशन के लागू होने के बाद हर साल करीब 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त समुद्री मछली उत्पादन होने की उम्मीद है.

इसके साथ ही 50 हजार से अधिक नए रोजगार पैदा होंगे. सरकार का लक्ष्य साल 2036 तक समुद्री उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर करीब 5,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक पहुंचाना है. इससे मछुआरों की आय बढ़ेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

कैबिनेट ने इन योजनाओं को भी दी मंजूरी

डीप सी फिशिंग मिशन के अलावा राज्य कैबिनेट ने कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी.

  • भुवनेश्वर में जयदेव विहार से नंदनकानन तक सड़क पर 579 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य है.
  • 268.44 करोड़ रुपये की लागत से स्टेट डाटा सेंटर 2.0 तैयार किया जाएगा.
  • कालाहांडी और बरगढ़ जिलों में दो इन-स्ट्रीम स्टोरेज परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली.
  • मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत अगले चार वर्षों में 46.6 लाख माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. इस योजना पर 3,506.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

मछुआरों को क्या होगा फायदा?

इस मिशन का सबसे बड़ा फायदा समुद्र से जुड़े मछुआरों को मिलेगा. आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाओं की मदद से वे गहरे समुद्र में सुरक्षित तरीके से मछली पकड़ सकेंगे, जिससे उत्पादन और कमाई दोनों बढ़ेंगे. साथ ही समुद्री उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी होने से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और मत्स्य पालन का कारोबार पहले से ज्यादा मजबूत होगा.

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Published: 2 Jul, 2026 | 11:25 AM

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