Odisha News: ओडिशा सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को राज्य की आवास योजनाओं, खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जोड़ने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य लोगों को 24 घंटे स्वच्छ और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना और उनके बिजली बिल को कम करना है. उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने बिजली क्षेत्र में सुधार, सुरक्षा उपायों और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की समीक्षा बैठक में यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य आवास योजनाओं के हर लाभार्थी को सोलर पावर का लाभ भी मिल सके.
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर सिस्टम लगवाना पूरी तरह लाभार्थियों की इच्छा पर निर्भर होगा. यानी यह सुविधा वैकल्पिक रहेगी और कोई बाध्यता नहीं होगी. उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 1 किलोवाट रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार 30,000 रुपये और राज्य सरकार 25,000 रुपये की सब्सिडी देगी. यानी कुल 55,000 रुपये की सहायता मिलेगी. इसके बाद लाभार्थी को सिर्फ 1,875 रुपये का योगदान देना होगा.
भूमिगत केबल बिछाने का प्रस्ताव
बैठक में बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि चारों बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) में 3,708 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड बिजली लाइनों की जगह भूमिगत केबल बिछाने का प्रस्ताव रखा गया है. उपमुख्यमंत्री ने बिजली कंपनियों को नीचे लटक रहे तारों को हटाने, खुले तारों की जगह इंसुलेटेड तार लगाने, बिजली उपकेंद्रों के चारों ओर फेंसिंग और बाउंड्री वॉल बनाने तथा लो-टेंशन (LT) लाइनों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए.
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली वितरण कंपनियों के लिए सुरक्षा से जुड़ी एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की जाएगी. उपमुख्यमंत्री केवी सिंह देव ने बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को शहरों और गांवों में बिजली सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ओडिशा के हर घर तक सुरक्षित, भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली पहुंचाना है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिजली सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर और सुरक्षित बिजली सेवा मिल सके. इस बैठक में पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक, आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) केंद्र सरकार की प्रमुख आवास योजना है, जिसकी शुरुआत 25 जून 2015 को की गई थी.इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है. यह योजना आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के तहत लागू की जाती है. इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाती है और उसी के अनुसार मकान स्वीकृत किए जाते हैं. इस योजना के तहत बनने वाले घरों में शौचालय, पेयजल, बिजली और रसोईघर जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि लोगों को बेहतर जीवन मिल सके.