महाराष्ट्र की मंडियों में गिरी प्याज की कीमतों से नाराज किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया है. महाराष्ट्र में 1 रुपये किलो प्याज बिकने पर नाराज किसानों ने अपनी लोडर में भरी प्याज को सड़क पर फेंककर विरोध जताया. वहीं, विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं की अगुवाई में कई प्याज किसानों ने मंगलवार को सरकार की खरीद कीमतों के खिलाफ प्रदर्शन किया और नासिक जिले में व्यस्त मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे को जाम कर दिया.
हाइवे पर किसानों का प्रदर्शन
‘कांदा उत्पादक शेतकरी क्रांति महामोर्चा के नेतृत्व में प्याज की गिरती कीमतों के खिलाफ हाइवे पर किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. नाराज किसानों ने हाइवे जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की तो हंगामा हो गया. प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पुलिस ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर फंसी गाड़ियों के टायर की हवा निकालने की कोशिश की.
विपक्षी नेताओं में NCP(SP) विधायक रोहित पवार, शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल शामिल थे. उन्होंने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले एक बैलगाड़ी पर सवार होकर रैली की अगुवाई की.
2400 रुपये क्विंटल भाव मांग रहे किसान
प्रदर्शन के दौरान विधायक रोहित पवार ने कहा कि सरकार ने प्याज के लिए 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत घोषित की है. किसान इससे खुश नहीं हैं. उन्हें प्याज के लिए 24 रुपये प्रति किलो की कीमत मिलनी चाहिए. सरकार हमारे प्रदर्शन से डर गई है. मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री बुधवार को दिल्ली जाएंगे. हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि क्या होता है.
#WATCH | Nashik, Maharashtra: NCP-SCP leader Rohit Pawar says, “It is our responsibility to fight for the interests of the people. The onion farmers in Maharashtra are facing a lot of hardship… Farmers are suffering losses. If the people have elected the state government and… pic.twitter.com/AtdjCb8Suv
— ANI (@ANI) May 26, 2026
मेलोडी की बजाय प्याज तोहफे में देंगे
दिलचस्प बात यह है कि प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी किसानों को ‘मेलोडी’ टॉफियां बांटी गईं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफियां तोहफे में दी थीं. इसके परिणामस्वरूप पार्ले इंडस्ट्रीज के शेयर बढ़ गए. उन्हें प्याज तोहफे में देना चाहिए, ताकि उनकी कीमतें भी बढ़ें.
एमएसपी, सब्सिडी और निर्यात समेत ये हैं मांगें
प्याज किसानों ने प्याज के लिए 3,000 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बेची गई फसल पर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल की सब्सिडी, निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाने और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (NAFED) द्वारा प्याज की खरीद में हुए भ्रष्टाचार की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग की है.