बिहार से नेपाल तस्करी की जा रही 2391 यूरिया बोरी जब्त.. नकली खाद फैक्ट्री पकड़ी, 7 के खिलाफ कार्रवाई

Urea fertilizer Smuggling: बिहार के पूर्वी चंपारण में कृषि विभाग, एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नेपाल भेजे जा रहे 550 बैग यूरिया सहित 2391 बैग अवैध खाद जब्त हुई. नकली डीएपी फैक्ट्री का भी खुलासा किया गया.

Kisan India
नोएडा | Published: 8 Jul, 2026 | 07:12 PM

खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, कृषि विभाग, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर उर्वरक तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. कार्रवाई के दौरान नेपाल भेजे जा रहे करीब 550 बैग यूरिया लदे ट्रक को जब्त किया गया, वहीं बनकटवा प्रखंड के विभिन्न गांवों में छापेमारी कर 2391 बैग यूरिया बरामद की गई है. इसी अभियान के दौरान एक अवैध नकली डीएपी खाद फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ है.

बिहार कृषि विभाग के अनुसार मोतिहारी जिला कृषि विभाग एवं प्रशासनिक टीम को सूचना मिली थी कि दूसरे जिलों से उर्वरक लाकर पूर्वी चंपारण के रास्ते नेपाल में तस्करी की जा रही है. सूचना के आधार पर ढाका प्रखंड के कुंडवा चैनपुर क्षेत्र में जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया. जांच में ट्रक पर लदे करीब 550 बैग यूरिया के संबंध में अनियमितता सामने आई. आशंका जताई गई कि उर्वरक को कालाबाजारी के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर से नेपाल भेजा जा रहा था. पुलिस ने ट्रक और उर्वरक को जब्त कर मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

2391 बोरी जब्त, नकली खाद फैक्ट्री का खुलासा

कुछ ही घंटों बाद बनकटवा प्रखंड क्षेत्र में एसएसबी, जितना थाना, महुअवा थाना, छौड़ादानो थाना एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मध्य रात्रि में व्यापक छापेमारी अभियान चलाया. टीम ने अगरवा, रेगनिया, बीजबनी, बड़हरवा सहित कई गांवों में एक साथ दबिश दी. छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से छिपाकर रखे गए कुल 2391 बैग यूरिया बरामद किए गए.

संयुक्त टीम ने अगरवा गांव में संचालित एक अवैध नकली डीएपी निर्माण फैक्ट्री का भी खुलासा किया. मौके से संदिग्ध सामग्री एवं नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

तस्करी में लिप्त 7 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

जिला कृषि पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने मीडिया को बताया कि विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि वैशाली, मुजफ्फरपुर सहित अन्य जिलों से उर्वरक लाकर उसकी तस्करी नेपाल की ओर की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई है. उन्होंने बताया कि उर्वरक की अवैध जमाखोरी और तस्करी के मामले में जावेद अंसारी, विश्वनाथ राय, सिकंदर राय, सिखु राय और सुधीर राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. वहीं, नकली डीएपी फैक्ट्री मामले में प्रमोद राय और मदन राय के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है.

जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत करें किसान

जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है. यदि किसी स्थान पर खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या कृत्रिम कमी की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग को सूचित करें. उर्वरक तस्करी और नकली खाद निर्माण के खिलाफ पूर्वी चंपारण में हुई इस संयुक्त कार्रवाई को प्रशासन द्वारा बड़ी सफलता माना जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी.

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