11 Years Of PM Mudra Yojana: देश में स्वरोजगार को नई पहचान देने वाली प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने 11 साल पूरे कर लिए हैं. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी सफलता के बारे में बताते हुए कहा कि यह योजना लाखों युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने संदेश में बताया कि जब लोगों को सही अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे न सिर्फ खुद आगे बढ़ते हैं, बल्कि देश की तरक्की में भी अहम भूमिका निभाते हैं.
योजना की शुरुआत और उद्देश्य
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना अप्रैल 2015 में शुरू की गई थी. इसका मुख्य उद्देश्य माइक्रो और लघु उद्यमों को बिना किसी गारंटी के लोन उपलब्ध कराना है, ताकि उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले. यह योजना विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार में प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है.
आज से ठीक 11 वर्ष पहले शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना युवाओं के स्वरोजगार में बहुत मददगार साबित हुई है। इस योजना की सफलता बताती है कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न सिर्फ आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान दे सकता है।
और पढ़ेंआत्मज्ञानं समारम्भस्तितिक्षा… pic.twitter.com/PD9RuD7ecI
— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026
मुद्रा योजना का बड़ा असर
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत देश में एक साइलेंट रिवोल्यूशन देखने को मिल रहा है. करीब 58 करोड़ रुपये का लोन, जिनकी कुल राशि 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, यह डाटा बताता है कि छोटे स्तर पर कारोबार करने वालों को बड़े पैमाने पर आर्थिक ताकत मिल रही है. खासतौर पर 2025-26 में ही 5.45 लाख करोड़ रुपये के मुद्रा लोन जारी होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार तेजी से उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है. इस पहल ने न केवल छोटे व्यवसायों को मजबूत किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जीवंत और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है.
लोन के भाग और लाभ
इस योजना के अंतर्गत लोन चार भागों में बांटे गए हैं:
- शिशु (Shishu) – 50,000 रुपये तक का लोन.
- किशोर (Kishor) – 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक.
- तरुण (Tarun) – 5 लाख से 10 लाख रुपये तक.
- तरुण प्लस (Tarun Plus) – 10 लाख से 20 रुपये लाख तक.
इस लोन का इस्तेमाल लोग अपने छोटे-छोटे काम शुरू करने या बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, जैसे फैक्ट्री लगाना, दुकान चलाना, सर्विस का काम करना या खेती से जुड़ा कोई बिजनेस करना. इससे खासकर छोटे व्यापारियों, कारीगरों और गांव में रहने वाले लोगों की कमाई बढ़ाने में मदद मिलती है.
Opening doors for millions of dreamers, Mudra has transformed access to credit across India.
Nearly 58 crore loans worth over ₹40 lakh crore reflect a silent revolution empowering grassroots enterprise.#11YearsOfMUDRA pic.twitter.com/yGw5Dcg1QW
— BJP (@BJP4India) April 8, 2026
महिलाओं के लिए अवसर
इस योजना से महिलाओं को भी काफी फायदा हुआ है. इसमें बिना किसी गारंटी (कोलैटरल) के लोन मिल जाता है और ज्यादा कागजी झंझट भी नहीं होता. इसलिए अब महिलाएं आसानी से अपना खुद का काम शुरू कर पा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं.
तरुण प्लस श्रेणी और डिजिटल प्लेटफॉर्म
2024-25 में सरकार ने तरुण प्लस श्रेणी की शुरुआत की. यह उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी के लोन को समय पर चुका दिया हो. नई श्रेणी में उन्हें ज्यादा राशि का लोन दिया जाता है. साथ ही, सरकार ने लोन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं. जन समर्थ पोर्टल (Jan Samarth Portal) जैसी डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से इच्छुक उम्मीदवार आसानी से योजना का लाभ उठा सकते हैं और समय पर लोन प्राप्त कर सकते हैं.
मुद्रा योजना में आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति सबसे पहले अपने नजदीकी बैंक, माइक्रोफाइनेंस संस्थान या NBFC में आवेदन कर सकता है. अब यह काम ऑनलाइन भी आसान हो गया है. सके लिए जन समर्थ पोर्टल पर जाकर अपनी जरूरत के अनुसार योजना चुननी होती है. आवेदन करते समय आधार कार्ड, बैंक पासबुक, व्यवसाय से जुड़ी जानकारी और एक साधारण बिजनेस प्लान देना होता है. बैंक आपकी जानकारी देखकर लोन मंजूर करता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती, इसलिए छोटे बिजनेस शुरू करने वालों के लिए यह बहुत आसान और फायदेमंद योजना है.