ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का बड़ा ऐलान, आज 500 ट्रैक्टरों के साथ निकलेगी रैली

राजस्थान में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और भारतमाला परियोजना के विरोध में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. आज 500 ट्रैक्टरों की विशाल रैली निकाली जाएगी. किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं और सरकार से तत्काल वार्ता शुरू करने की मांग के साथ जयपुर कूच की चेतावनी भी दे चुके हैं.

नोएडा | Published: 27 Jul, 2026 | 11:39 AM

Rajasthan Farmers Protest: राजस्थान में किसान कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और भरतपुर-ब्यावर भारतमाला परियोजना का विरोध कर रहे हैं. किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर दोनों परियोजनाओं को रद्द करने की मांग की है. उन्होंने सरकार को इन परियोजनाओं के फायदे और जरूरत पर खुली बहस की चुनौती भी दी है. किसानों ने ऐलान किया है कि आज यानी 27 जुलाई कोढोढसर से चौमूं तक 500 ट्रैक्टरों की रैली निकाली जाएगी. इसके बाद उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा. किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार की ओर से बातचीत शुरू नहीं की गई, तो वे जयपुर कूच करेंगे.

परियोजनाओं को बताया किसान और पर्यावरण विरोधी

किसान संगठनों  ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर दोनों परियोजनाओं को रद्द करने की मांग की है. उनका आरोप है कि सरकार इन परियोजनाओं को जनहित का नाम देकर प्रस्तुत कर रही है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है. किसानों का कहना है कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और भारतमाला परियोजना से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि अधिग्रहित होगी, जिससे हजारों किसान परिवार प्रभावित होंगे. साथ ही पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ेगा. किसान नेताओं ने सरकार को इन परियोजनाओं की उपयोगिता और लाभ पर सार्वजनिक बहस करने की चुनौती भी दी है.

भूमि अधिग्रहण से बढ़ा किसानों का आक्रोश

आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण  की प्रक्रिया ने कई परिवारों को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया है. किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर प्रशासन ने पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई. उनका कहना है कि सरकार को प्रभावित किसानों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी आशंकाओं का समाधान करना चाहिए, लेकिन अब तक ऐसा कोई प्रभावी प्रयास नहीं हुआ है. इसी कारण किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है और आंदोलन व्यापक रूप लेता दिखाई दे रहा है.

बातचीत नहीं हुई तो जयपुर कूच की चेतावनी

किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता  सरकार के साथ बातचीत है, लेकिन यदि सक्षम स्तर पर वार्ता शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को राज्यव्यापी बनाया जाएगा. ट्रैक्टर रैली के माध्यम से सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो जयपुर की ओर कूच करने की रणनीति अपनाई जाएगी. किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं तथा सरकार से उम्मीद करते हैं कि किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाएगा. आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.

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