गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में चीलों को मिल रही है ‘चिकन पार्टी’- वजह है बेहद खास

दिल्ली और आसपास के इलाकों में काली चीलों की संख्या काफी ज्यादा है. ये चीलें खाने की गंध बहुत दूर से पहचान लेती हैं और खुले इलाकों में मंडराने लगती हैं. एयर शो के दौरान यही आदत खतरा बन जाती है. चीलों को पहले से तय सुरक्षित जगहों पर भरपूर खाना दिया जाता है, ताकि वे वहीं व्यस्त रहें और विमानों की उड़ान वाली दिशा में न जाएं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 24 Jan, 2026 | 08:00 AM

Republic Day 2026: 26 जनवरी की सुबह… दिल्ली का आसमान, तिरंगे की छाया और लड़ाकू विमानों की गूंज. हर भारतीय की नजरें ऊपर होती हैं, दिल गर्व से भरा होता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस भव्य एयर शो को सुरक्षित बनाने के लिए जमीन पर क्या-क्या तैयारियां होती हैं? शायद नहीं. इस बार गणतंत्र दिवस 2026 से पहले सरकार ने ऐसा इंतजाम किया है, जो सुनकर आप चौंक भी जाएंगे और मुस्कुरा भी देंगे. इस बार चीलों को चिकन पार्टी दी जा रही है… और वो भी देश की सुरक्षा के लिए.

आसमान में खतरा, जमीन पर समाधान

गणतंत्र दिवस के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हैं. ऐसे में चील, गिद्ध और दूसरे बड़े पक्षी विमानों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. अगर कोई पक्षी गलती से विमान के इंजन से टकरा जाए, तो गंभीर हादसा हो सकता है.

दिल्ली के आसमान में पहले भी पक्षी टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन्हीं अनुभवों से सबक लेते हुए हर साल एयर शो से पहले खास रणनीति बनाई जाती है, ताकि आसमान पूरी तरह सुरक्षित रहे.

चीलों को क्यों दी जाती है ‘पार्टी’?

दिल्ली और आसपास के इलाकों में काली चीलों की संख्या काफी ज्यादा है. ये चीलें खाने की गंध बहुत दूर से पहचान लेती हैं और खुले इलाकों में मंडराने लगती हैं. एयर शो के दौरान यही आदत खतरा बन जाती है.

इस समस्या का समाधान निकालते हुए वन विभाग ने एक अनोखा लेकिन असरदार तरीका अपनाया. चीलों को पहले से तय सुरक्षित जगहों पर भरपूर खाना दिया जाता है, ताकि वे वहीं व्यस्त रहें और विमानों की उड़ान वाली दिशा में न जाएं.

इस बार भैंस नहीं, चिकन क्यों?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक चीलों को भैंस का मांस दिया जाता था, लेकिन इस बार पहली बार बिना हड्डी वाला चिकन इस्तेमाल किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, चिकन हल्का होता है, जल्दी खाया जाता है और चीलों को ज्यादा पसंद आता है. हड्डी न होने की वजह से यह ज्यादा सुरक्षित भी माना जा रहा है.

करीब 1,270 किलो बोनलेस चिकन 26 जनवरी तक दिल्ली के करीब 20 संवेदनशील इलाकों में डाला जाएगा. इनमें लाल किला, कर्तव्य पथ, जामा मस्जिद और आसपास के इलाके शामिल हैं, जहां एयर शो के दौरान विमानों की गतिविधि सबसे ज्यादा रहती है.

पर्यावरण के साथ समझदारी

इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी पक्षी को नुकसान नहीं पहुंचाया जाता. न उन्हें भगाया जाता है, न डराया जाता है. बस उनके स्वभाव को समझकर उन्हें खाना दिया जाता है, ताकि वे सुरक्षित दूरी बनाए रखें.

वन विभाग के अधिकारी मानते हैं कि यह तरीका पर्यावरण के अनुकूल है और पिछले कई वर्षों से कारगर भी साबित हुआ है. इससे पक्षी भी सुरक्षित रहते हैं और वायुसेना का एयर शो भी बिना किसी खतरे के पूरा होता है.

दिल्ली में तैयारियों का माहौल

गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. जगह-जगह अभ्यास, ट्रैफिक प्लान, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ यह अनोखी “चिकन पार्टी” भी उसी सुरक्षा श्रृंखला का हिस्सा है.

अधिकारियों का कहना है कि बड़े आयोजन छोटे-छोटे लेकिन अहम फैसलों से ही सफल होते हैं. चीलों को चिकन खिलाने का यह तरीका सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन यही तरीका देश के सबसे बड़े समारोह को सुरक्षित बनाने में मदद करता है.

तिरंगे के साथ सुरक्षित आसमान

26 जनवरी को जब लड़ाकू विमान आसमान में शान से उड़ान भरेंगे, तब शायद किसी को यह याद भी न रहे कि नीचे कहीं चीलें चैन से चिकन पार्टी में लगी हैं. लेकिन यही अनदेखा इंतजाम देश की सुरक्षा का मजबूत आधार बनता है.

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Published: 24 Jan, 2026 | 08:00 AM

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