Sugar Price: देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच कमी की आशंकाओं पर ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने बड़ा बयान जारी किया है. संगठन ने साफ कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी तरह की कमी नहीं है. AISTA ने अपने सदस्यों से बाजार में चीनी की नियमित आपूर्ति बनाए रखने, अफवाहों से बचने और जमाखोरी नहीं करने की अपील की है. संगठन का कहना है कि मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है और उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से चीनी मिलती रहेगी.
कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता, लेकिन स्टॉक पर्याप्त
AISTA के अनुसार, पिछले एक महीने से भी कम समय में चीनी के एक्स-फैक्ट्री दाम करीब 15 प्रतिशत बढ़े हैं. इसी वजह से बाजार में यह धारणा बनने लगी कि देश में चीनी की कमी हो सकती है. हालांकि, संगठन ने इस आशंका को पूरी तरह गलत बताया है. AISTA ने भारतीय शुगर एवं बायो-एनर्जी निर्माता संघ (ISMA) और राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल महासंघ (NFCSF) के संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त चीनी उपलब्ध है. इसलिए उपभोक्ताओं और व्यापारियों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है.
व्यापारियों और मिलों से सामान्य आपूर्ति बनाए रखने की अपील
AISTA के चेयरमैन ने चीनी मिलों, व्यापारियों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और बड़े खरीदारों से अपील की है कि वे बाजार में चीनी की उपलब्धता लगातार बनाए रखें. संगठन ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए. यदि सभी हिस्सेदार सामान्य तरीके से काम करते रहेंगे तो बाजार में चीनी की कमी जैसी स्थिति पैदा नहीं होगी. साथ ही किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी पर भरोसा नहीं करने की सलाह भी दी गई है.
कोविड जैसी रणनीति अपनाने की सलाह
AISTA ने अपने सदस्यों को कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए सप्लाई प्रबंधन की याद दिलाई है. उस समय भी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति लगातार जारी रखी गई थी. संगठन का कहना है कि मौजूदा समय में भी उसी तरह की जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है. व्यापारियों से कहा गया है कि वे घबराकर अधिक खरीदारी या जमाखोरी न करें. इससे बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन सकता है और कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. सरकारी नियमों का पालन करते हुए सामान्य व्यापार जारी रखने पर भी जोर दिया गया है.
मौसम और नए सीजन से बेहतर स्थिति की उम्मीद
AISTA का मानना है कि 2026-27 का चीनी सीजन समय पर शुरू होने की संभावना है. मौसम अनुकूल रहने और शुरुआती गन्ना कटाई के दौरान अत्यधिक बारिश नहीं होने की उम्मीद जताई गई है. यदि मौसम सामान्य रहा तो गन्ने की कटाई और चीनी उत्पादन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ेगा. इससे बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी रहेगी और भविष्य में आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी. संगठन ने उम्मीद जताई है कि उत्पादन और सप्लाई दोनों सामान्य रहेंगे.
खुदरा और थोक बाजार में लगातार बढ़ रहे दाम
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 17 जुलाई तक बढ़कर 47.90 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गई है. एक महीने पहले यह कीमत 47.01 रुपये प्रति किलो थी, जबकि तीन महीने पहले 46.48 रुपये और छह महीने पहले 46.34 रुपये प्रति किलो थी. इसी तरह थोक बाजार में भी चीनी के दाम बढ़कर 4,447.57 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं, जो छह महीने पहले 4,294.70 रुपये प्रति क्विंटल थे. हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद AISTA का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और यदि सभी संबंधित पक्ष जिम्मेदारी के साथ काम करते रहे तो बाजार में किसी तरह की कमी या आपूर्ति संकट की संभावना नहीं है.