तेलंगाना में धान खरीद ने पकड़ी रफ्तार, 10 लाख टन पार, किसानों को मिला MSP का फायदा

राज्य सरकार किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत अब तक करीब 500.20 करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं. इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल रही है और वे बिना किसी परेशानी के अपनी फसल बेच पा रहे हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 2 May, 2026 | 08:20 AM

तेलंगाना में इस बार रबी सीजन के दौरान धान खरीद तेजी से आगे बढ़ रही है. राज्य सरकार ने किसानों से धान खरीदने का बड़ा लक्ष्य तय किया है और अब तक के आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम तेजी से चल रहा है. ताजा जानकारी के अनुसार, राज्य ने 2025-26 के रबी सीजन में 10 लाख टन से अधिक धान की खरीद कर ली है, जो एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है.

सरकार का लक्ष्य इस सीजन में कुल 90 लाख टन धान खरीदने का है और मौजूदा रफ्तार को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाएगा. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने में सहूलियत मिलेगी और उन्हें उचित कीमत भी मिल सकेगी.

धान उत्पादन और खरीद का आंकड़ा

तेलंगाना में इस बार करीब 22.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है. अच्छी खेती और अनुकूल परिस्थितियों के चलते राज्य में इस साल रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है, जो लगभग 1.52 करोड़ टन तक पहुंच सकता है.

अब तक खरीदे गए धान में करीब 4.50 लाख टन बढ़िया (फाइन) किस्म का धान शामिल है, जबकि बाकी हिस्सा सामान्य (कोर्स) किस्म का है. सरकार ने इस बार 30 लाख टन फाइन धान और 60 लाख टन कोर्स धान खरीदने का लक्ष्य रखा है.

किसानों को भुगतान और MSP का लाभ

राज्य सरकार किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत अब तक करीब 500.20 करोड़ रुपये किसानों को दिए जा चुके हैं. इससे किसानों को आर्थिक राहत मिल रही है और वे बिना किसी परेशानी के अपनी फसल बेच पा रहे हैं. सरकार का प्रयास है कि भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे.

खरीद केंद्रों पर तेज काम

धान की बड़ी आवक को संभालने के लिए राज्य में कुल 8,575 खरीद केंद्र (PPCs) पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं. इनमें प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), इंदिरा क्रांति पथ (IKP) और अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित केंद्र शामिल हैं. इन केंद्रों पर किसानों से सीधे धान खरीदा जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हो गई है और किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है.

भंडारण और परिवहन की व्यवस्था

धान की बढ़ती मात्रा को देखते हुए सरकार ने भंडारण की भी पूरी तैयारी की है. राज्य में करीब 32 लाख टन क्षमता के गोदाम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि खरीदे गए धान को सुरक्षित रखा जा सके. इसके अलावा, खरीद केंद्रों से धान को सीधे चावल मिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. इससे गांवों में धान का ढेर नहीं लगेगा और छोटे केंद्रों पर भी काम सुचारु रूप से चलता रहेगा.

सीमाओं पर सख्ती और निगरानी

सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं कि दूसरे राज्यों का धान अवैध रूप से तेलंगाना के खरीद केंद्रों तक न पहुंचे. इसके लिए राज्य की सीमाओं पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां ट्रकों की जांच की जा रही है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल राज्य के किसानों का धान ही खरीदा जाए और उन्हें ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले.

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Published: 2 May, 2026 | 08:20 AM
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