UP बनेगा फलों का सुपरहब… फ्रूट होराइजन 2026 से किसानों और निर्यातकों को मिला बड़ा विजन

Fruit Export: लखनऊ में आयोजित फ्रूट होराइजन 2026 कार्यक्रम में केंद्र सरकार ने किसानों और फल कारोबार को लेकर बड़ा विजन पेश किया. गुणवत्ता, निर्यात, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था पर जोर देते हुए किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कई अहम योजनाओं और सुविधाओं की घोषणा की गई, जिससे यूपी को नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

नोएडा | Updated On: 7 May, 2026 | 08:33 PM

Fruit Horizon 2026: लखनऊ में आयोजित फ्रूट होराइजन 2026 कार्यक्रम में केंद्र सरकार ने साफ संकेत दे दिए कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश सिर्फ अनाज ही नहीं, बल्कि प्रीमियम फलों के उत्पादन और निर्यात का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने किसानों, वैज्ञानिकों और निर्यातकों के साथ संवाद करते हुए कहा कि अब खेती का मतलब केवल ज्यादा उत्पादन नहीं रह गया है. अब दुनिया के बाजार में जगह बनाने के लिए फलों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात मानकों पर भी ध्यान देना जरूरी होगा. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया के फल बाजार में मजबूत पहचान दिलाना है और इसके लिए उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका तय की जा रही है.

अब सिर्फ ज्यादा फल नहीं, बेहतर फल चाहिए

कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय किसान मेहनत  तो बहुत करते हैं, लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि उनके फल अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार हों. उन्होंने बताया कि कई बार अच्छी फसल होने के बावजूद गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ की कमी के कारण निर्यात में परेशानी आती है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार अब ऐसी तकनीकों और योजनाओं पर काम कर रही है जिससे फल लंबे समय तक ताजे रहें और विदेशों तक सुरक्षित पहुंच सकें. उन्होंने जीरो रिजेक्शन का लक्ष्य रखते हुए कहा कि भारतीय फलों की गुणवत्ता इतनी अच्छी होनी चाहिए कि विदेशी बाजारों में उन्हें बिना किसी रुकावट के स्वीकार किया जाए.

फलों की गुणवत्ता और निर्यात बढ़ाने सरकार ने बनाई नई रणनीति.

किसानों की आय बढ़ाने के लिए बनेगी खास टास्क फोर्स

कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा फैसला भी लिया गया. केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता  में यह तय किया गया कि आईसीएआर, एपीडा, वैज्ञानिक संस्थानों और निर्यात एजेंसियों को मिलाकर एक विशेष टास्क फोर्स बनाई जाएगी. ये टीम किसानों और निर्यातकों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान पर काम करेगी. साथ ही एक ऐसा एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा जिससे फल उत्पादन से लेकर निर्यात तक पूरी व्यवस्था मजबूत हो सके. सरकार का मानना है कि अगर किसानों को सही तकनीक, बेहतर बाजार और निर्यात की सुविधा मिले तो उनकी आमदनी में बड़ा बदलाव आ सकता है. इसी वजह से अब खेती को सीधे बाजार और प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.

यूपी में बनेगा आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश को क्लीन प्लांट मिशन का बड़ा फायदा मिलने वाला है. इसके तहत लखनऊ स्थित CISH में एक आधुनिक क्लीन प्लांट सेंटर  बनाया जा रहा है. इस सेंटर में आम, अमरूद, लीची और एवोकाडो जैसी फसलों के लिए रोगमुक्त और अच्छी नस्ल के पौधे तैयार किए जाएंगे. इससे किसानों को बेहतर पौध सामग्री मिलेगी और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी पौध से ही बेहतर उत्पादन की शुरुआत होती है. ऐसे में यह सेंटर आने वाले समय में यूपी के बागवानी क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है.

फ्रूट होराइजन 2026

छोटे किसानों को भी मिलेगा बड़ा फायदा

कार्यक्रम में छोटे किसानों को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा हुई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एफपीओ, एफपीसी और स्वयं सहायता समूह किसानों को बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने बताया कि सरकार कई निर्यात आधारित क्लस्टर विकसित कर रही है ताकि किसानों के फल सीधे बड़े बाजारों और विदेशों तक पहुंच सकें. इसके अलावा आधुनिक पैकहाउस, कोल्ड स्टोरेज और पोस्ट-हार्वेस्ट सुविधाओं पर भी तेजी से काम किया जा रहा है. जेवर एयरपोर्ट से जुड़े निर्यात ढांचे को भी इस योजना का अहम हिस्सा बताया गया. माना जा रहा है कि इससे यूपी के फल सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच पाएंगे और किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी.

यूपी को फल निर्यात की नई पहचान देने की तैयारी

फ्रूट होराइजन 2026  केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत के फल कारोबार का भविष्य तय करने वाला मंच बनकर सामने आया. सरकार का फोकस साफ है-किसानों की आय बढ़ाना, भारतीय फलों को वैश्विक पहचान दिलाना और उत्तर प्रदेश को फल उत्पादन एवं निर्यात का बड़ा केंद्र बनाना. अगर सरकार की ये योजना जमीन पर तेजी से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में यूपी के किसान सिर्फ मंडियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उनके फल दुनिया के बड़े बाजारों में भी नजर आएंगे.

Published: 7 May, 2026 | 08:33 PM

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