बिजली कटौती के बीच UP के उपभोक्ताओं पर नया बोझ, अगले महीने से बिल पर लगेगा 10 फीसदी ज्यादा पैसा

उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बिजली बिल पर 10 फीसदी अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है. यह अतिरिक्त शुल्क अगले महीने के बिजली बिल में जोड़ा जाएगा. कंपनी का कहना है कि बिजली बनाने और खरीदने की लागत बढ़ने के कारण यह कदम उठाया गया है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 30 May, 2026 | 04:14 PM

UP Electricity Bill Hike: उत्तर प्रदेश में आम लोगों की जेब पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दूध, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब बिजली उपभोक्ताओं को भी बड़ा झटका लगा है. उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली बिल पर 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क वसूलने का फैसला किया है. इसका सीधा असर राज्य के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अगले महीने से अधिक बिजली बिल का भुगतान करना होगा. ऐसे समय में यह फैसला आया है जब प्रदेश के कई इलाकों में लोग बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति की समस्याओं से भी जूझ रहे हैं.

अगले महीने से बढ़ेगा बिजली बिल

यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जून माह के बिजली बिल में 10 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा. इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को अपने नियमित बिजली बिल के अलावा अतिरिक्त राशि भी चुकानी होगी. यह अतिरिक्त राशि फ्यूल सरचार्ज के रूप में लिया जाएगा. बिजली विभाग का कहना है कि बिजली उत्पादन और खरीद में आने वाली बढ़ी हुई लागत को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

क्या है फ्यूल सरचार्ज?

फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन की बढ़ती लागत को पूरा करने के लिए उपभोक्ताओं से लिया जाता है. जब बिजली बनाने या खरीदने की लागत बढ़ जाती है, तो उसकी भरपाई के लिए बिजली कंपनियां यह शुल्क जोड़ती हैं. बिजली विभाग का कहना है कि हाल के समय में उत्पादन और खरीद लागत बढ़ने के कारण आर्थिक दबाव पैदा हुआ है. इसी वजह से उपभोक्ताओं के बिल में यह भार जोड़ा जा रहा है.

लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

इस फैसले का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा. दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली बिल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी से मासिक घरेलू बजट पर असर पड़ सकता है. खासकर उन परिवारों पर इसका ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है, जिनकी बिजली खपत गर्मियों में अधिक रहती है.

बिजली कटौती के बीच बढ़ी चिंता

बिजली दरों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों से बिजली आपूर्ति को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं. गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ी है, जिससे कई इलाकों में कटौती और अनियमित सप्लाई की समस्या देखने को मिल रही है. उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ओर उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर बिल का बोझ भी बढ़ाया जा रहा है. ऐसे में लोगों की चिंता और बढ़ गई है.

आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर

महंगाई के समय में बिजली बिल बढ़ने से लोगों का हर महीने का खर्च और बढ़ सकता है. पहले से ही पेट्रोल-डीजल, यात्रा और रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दाम लोगों पर बोझ डाल रहे हैं. ऐसे में बिजली पर अतिरिक्त शुल्क लगने से घर का बजट संभालना और मुश्किल हो सकता है. आने वाले महीनों में बढ़े हुए बिजली बिल का असर लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे सकता है.

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