धान खरीद टारगेट पूरा नहीं करने और किसानों को बोनस नहीं देने के आरोपों के बीच तेलंगाना सरकार ने कहा है कि उसने राज्य के 13 लाख से अधिक धान किसानों के बैंक खातों में 11 हजार करोड़ से अधिक राशि का भुगतान किया है. इसके साथ ही देश में खरीदी गई कुल धान का 60 फीसदी हिस्सा खरीदने का दावा किया है. हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने राज्य के धान खरीद और बोनस भुगतान को लेकर किए गए दावे को खारिज किया है. इसके बाद धान खरीद मामले पर राज्य में सियासी पारा गर्म हो गया है.
तेलंगाना सरकार के नागरिक आपूर्ति मंत्री एन उत्तम कुमार ने आधिकारिक बयान में बीते दिन कहा कि केंद्रीय पूल व्यवस्था के तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को चावल की आपूर्ति करने में तेलंगाना पहले स्थान पर है. केंद्र ने तेलंगाना से केवल 52 लाख मीट्रिक टन तक चावल खरीदने पर सहमति जताई है, जबकि राज्य पहले ही 60 लाख मीट्रिक टन का आंकड़ा पार कर चुका है.
देश की कुल खरीद का 60 फीसदी हिस्सा तेलंगाना दे रहा
राज्य के मंत्री ने कहा कि देशभर में रबी सीजन में खरीदी गई कुल धान की खरीद का लगभग 60 फीसदी हिस्सा अकेले तेलंगाना पूरा कर रहा है. खरीद प्रक्रिया पूरी होने तक तेलंगाना से देश की कुल धान खरीद का लगभग 75 फीसदी हिस्सा पूरा करेगा. हालांकि, केंद्रीय पूल में 52 लाख मीट्रिक टन चावल ही जाएगा. क्योंकि, केंद्र ने इतने पर ही सहमति जताई है.
13 लाख किसानों को भेजे 11 हजार करोड़ रुपये
उन्होंने कहा कि राज्य के 13 लाख से अधिक किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान की खरीद की गई है और किसानों को 11,050 करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा किए जा चुके हैं. मंत्री ने कहा कि चालू वर्ष 2025-26 के खरीफ और रबी फसल चक्रों में किसानों को किए गए भुगतान और खरीद लागत में 39,300 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च शामिल है.
धान खरीद में कांग्रेस सरकार ‘फेल’ हुई – किशन रेड्डी
तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर मौजूदा रबी सीजन के दौरान धान खरीदने में “फेल” होने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि सत्ताधारी पार्टी इसका दोष केंद्र पर मढ़ने की कोशिश कर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से यह भी पूछा कि राज्य सरकार ने 10 फसलों के लिए 500 रुपये का बोनस देने का कांग्रेस का चुनावी वादा क्यों पूरा नहीं किया है.
केंद्र से तय लिमिट में धान खरीद नहीं कराने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र ने लगभग 53 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान खरीदने पर सहमति जताई थी. आपने वह काम पूरा नहीं किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उससे पहले की BRS, दोनों ही किसानों की जिदगी के साथ खिलवाड़ कर रही हैं. रेड्डी ने सत्ताधारी कांग्रेस नेताओं द्वारा केंद्र की आलोचना किए जाने पर आपत्ति जताई. कांग्रेसी नेताओं का आरोप था कि केंद्र ने राज्य से उतना धान नहीं खरीदा, जितनी उन्होंने मांग की थी.
दूसरे राज्यों का घटिया चावल राशन में बांटने का आरोप
केंद्रीय मंत्री ने राज्य पर यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार दूसरे राज्यों से घटिया क्वालिटी का ‘फाइन वैरायटी’ चावल मंगवा रही है और उसे PDS के जरिए बांट रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में पैदा होने वाला अच्छी क्वालिटी का ‘फाइन चावल’ दूसरे राज्यों में ज्यादा कीमत पर भेजा जा रहा है. मांग में चल रही नई किस्मों के बीज भी किसानों को उपलब्ध नहीं करा पाई है. उन्होंने कहा कि मोटे चावल के निर्यात के लिए उसे कुछ तय मानकों पर खरा उतरना जरूरी होता है, लेकिन राज्य सरकार ने किसानों को उन मानकों के अनुरूप बीज ही उपलब्ध नहीं कराए हैं.