Millets Farming Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को मोटे अनाज यानी मिलेट्स की खेती के लिए प्रोत्साहित करने में जुटी हुई है. इसी दिशा में राज्य सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. कृषि विभाग की ओर से प्रदेश के किसानों को मुफ्त बीज मिनीकिट उपलब्ध कराने की योजना शुरू की गई है. इसका उद्देश्य किसानों को मिलेट्स की खेती के प्रति जागरूक करना और कम लागत में बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरित करना है.
सरकार का मानना है कि मिलेट्स न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाने में मददगार हैं, बल्कि पोषण और स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद हैं. यही वजह है कि अब प्रदेश में इन फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
किन फसलों के बीज दिए जाएंगे?
कृषि विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार किसानों को अलग-अलग प्रकार के मोटे अनाज के बीज मिनीकिट मुफ्त में वितरित किए जाएंगे. इनमें मुख्य रूप से:
- संकर ज्वार
- संकर बाजरा
- कोदो
- सांवा
- मडुआ (रागी)
- काकुन
- कुटकी
जैसी फसलें शामिल हैं. सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरपूर मिलेट्स की खेती भी अपनाएं.
क्या है बीज मिनीकिट योजना?
यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से मिलेट्स यानी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही है. साल 2026-27 में राज्य के सभी 75 जिलों के किसानों को मुफ्त बीज मिनीकिट दिए जाएंगे. एक मिनीकिट इतनी मात्रा में होगा कि किसान करीब 0.2 हेक्टेयर जमीन में इसकी खेती कर सकें. इससे छोटे किसान भी कम जमीन में मिलेट्स की खेती शुरू करके इसका अनुभव ले पाएंगे. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान मोटे अनाज की खेती अपनाएं, ताकि भविष्य में इसकी खेती बड़े स्तर पर हो सके और किसानों की आमदनी भी बढ़े.
आदरणीय कृषि मंत्री श्री @spshahibjp जी के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश #मिलेट्स_पुनरुद्धार_योजना के अंतर्गत #मिलेट्स (#श्री_अन्न) की खेती को बढ़ावा देने/ प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के 75 जनपदों में #ज्वार, #बाजरा, #कोदो, #रागी, #काकुन,#कुटकी की मिनीकिट वितरित की जायेगीं pic.twitter.com/NAXvHUf8A0
— Krishi Vibhag Gov UP (@jdabureau) May 8, 2026
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
कृषि विभाग ने इस योजना को सफल बनाने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर अलग-अलग लक्ष्य तय किए हैं. अधिकारियों को कहा गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा किसानों तक इस योजना की जानकारी पहुंचाएं और समय पर बीज उपलब्ध कराएं. इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर बीज की बुकिंग और वितरण प्रक्रिया को भी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. किसान इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करके प्राप्त कर सकते हैं.
मिलेट्स की खेती क्यों है फायदेमंद?
मोटे अनाज की खेती कम पानी और कम लागत में की जा सकती है. यह फसलें सूखा सहन करने में सक्षम होती हैं और खराब मौसम में भी अच्छी पैदावार दे सकती हैं. इसके अलावा मिलेट्स पोषण से भरपूर होते हैं. इनमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में मिलेट्स की मांग तेजी से बढ़ी है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में मिलेट्स किसानों के लिए आय का बड़ा स्रोत बन सकते हैं.
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में पोषण सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो. मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देकर खेती की लागत कम करने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जा रहा है. इसके साथ ही लोगों को स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूक करने के लिए भी मिलेट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है. मुफ्त बीज मिनीकिट मिलने से किसान बिना ज्यादा खर्च किए मिलेट्स की खेती शुरू कर सकेंगे.