फलों की बढ़ेगी सेल्फ-लाइफ, वैज्ञानिक कर रहे हैं शोध.. निर्यात बढ़ने से किसानों को होगा फायदा

भारत सरकार अब फलों की सेल्फ-लाइफ बढ़ाकर किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. ICAR की नई तकनीकों से अनार, केला और लीची जैसे फल लंबे समय तक ताजा रह सकेंगे. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार भारतीय फलों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने और किसानों को बेहतर लाभ दिलाने पर फोकस कर रही है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 8 May, 2026 | 01:46 PM

Fruit Shelf Life: भारत सरकार अब देश के फलों को दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गई है. इसके लिए फलों की सेल्फ-लाइफ यानी उन्हें लंबे समय तक ताजा रखने की तकनीक पर तेजी से काम किया जा रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान दिलाना और किसानों की आय बढ़ाना है. वैज्ञानिकों की रिसर्च का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. अनार, केला और लीची जैसे फलों को पहले से ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रखने में सफलता मिली है. सरकार का मानना है कि अगर फल लंबे समय तक ताजा रहेंगे, तो उनका निर्यात बढ़ेगा और किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे.

फलों की बढ़ रही सेल्फ-लाइफ, किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद  यानी ICAR की वैज्ञानिक टीमें लंबे समय से फलों की सेल्फ-लाइफ बढ़ाने पर काम कर रही हैं. अब इस दिशा में बड़ी सफलता मिलती दिखाई दे रही है. वैज्ञानिकों ने अनार को 45 से 50 दिन तक ताजा रखने में सफलता हासिल की है, जबकि केले को 30 से 45 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है. लीची की सेल्फ-लाइफ भी बढ़ाकर 10 से 12 दिन तक पहुंचा दी गई है. वहीं आम को 40 से 45 दिन तक ताजा रखने पर तेजी से रिसर्च जारी है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत के किसानों की मेहनत दुनिया तक पहुंचनी चाहिए और इसके लिए फलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक तकनीकों को गांवों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है ताकि किसानों को सीधा फायदा मिल सके.

सरकार तैयार कर रही है बड़े कृषि निर्यात क्लस्टर

केंद्र सरकार अब खेती को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार  से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम कर रही है. इसी के तहत देश में 8 बड़े कृषि निर्यात क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं. इन क्लस्टरों का मकसद खास फसलों के उत्पादन, पैकेजिंग, स्टोरेज और निर्यात को मजबूत बनाना है. सरकार ने अंगूर के लिए नासिक, आम के लिए तेलंगाना, हल्दी के लिए मेघालय, सेब के लिए जम्मू-कश्मीर, टमाटर के लिए महाराष्ट्र, मिर्च के लिए आंध्र प्रदेश और आलू के लिए गुजरात को विशेष रूप से चुना है.

इन इलाकों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि फल और सब्जियां लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें और विदेशों तक आसानी से पहुंच सकें. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारतीय कृषि उत्पादों को ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाना है ताकि किसानों की कमाई में बड़ा बदलाव आ सके. उन्होंने बताया कि आम और केले के निर्यात को कुल उत्पादन के 5 प्रतिशत तक और अंगूर के निर्यात को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की तैयारी की जा रही है.

आम के पुराने बागों को नई तकनीक से मिल रहा नया जीवन

लखनऊ के CISH संस्थान में आम के पुराने बागों को फिर से बेहतर बनाने पर खास काम किया जा रहा है. कई बार पुराने पेड़ों में उत्पादन कम हो जाता है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होती है. अब वैज्ञानिक नई तकनीकों  की मदद से इन बागों को दोबारा उत्पादक बनाने की कोशिश कर रहे हैं. प्रूनिंग मशीन के जरिए पेड़ों की कटाई-छंटाई की जा रही है ताकि उनकी ग्रोथ बेहतर हो सके और फल उत्पादन बढ़ाया जा सके. इससे पेड़ों की सूखी और कमजोर शाखाएं हट जाती हैं और नए फल बेहतर तरीके से तैयार होते हैं. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल समय की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी तकनीकों को बढ़ावा दे रही है जिससे किसानों की लागत कम हो और उत्पादन ज्यादा मिले.

किसानों और निर्यातकों की मदद के लिए बनेगी खास टीम

कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ICAR, APEDA, वैज्ञानिक संस्थानों और निर्यात एजेंसियों को मिलाकर एक विशेष टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है. यह टीम किसानों और निर्यातकों की समस्याओं को समझेगी और उनके समाधान पर काम करेगी. सरकार एक ऐसा एक्शन प्लान तैयार करना चाहती है जिससे फल उत्पादन से लेकर स्टोरेज, पैकेजिंग और निर्यात तक पूरी व्यवस्था मजबूत हो सके.

शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि अगर किसानों को सही तकनीक, बेहतर बाजार और आसान निर्यात सुविधा मिले, तो उनकी आमदनी में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अब खेती को सिर्फ खेत तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उसे प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़कर किसानों के लिए नए अवसर तैयार किए जाएंगे. आने वाले समय में भारतीय फल दुनिया के बड़े बाजारों में नई पहचान बना सकते हैं और किसानों की कमाई में बड़ा बदलाव ला सकते हैं.

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Published: 8 May, 2026 | 01:18 PM
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