महिंद्रा का ट्रैक्टर बाजार में बड़ा धमाका, 43.6 फीसदी हिस्सेदारी के साथ बनाया नया रिकॉर्ड

महिंद्रा एंड महिंद्रा का ट्रैक्टर कारोबार पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है. कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. चौथी तिमाही में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 43.6 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो उसके इतिहास की सबसे बड़ी तिमाही हिस्सेदारी बताई जा रही है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 8 May, 2026 | 01:16 PM

Mahindra tractor: भारत में ट्रैक्टर बाजार लगातार बदल रहा है और खेती में आधुनिक मशीनों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसी बीच महिंद्रा एंड महिंद्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है. कंपनी ने इस दौरान 43.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की, जो अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही हिस्सेदारी मानी जा रही है.

कंपनी का कहना है कि बेहतर उत्पाद, नई तकनीक और किसानों की जरूरतों के हिसाब से तैयार किए गए ट्रैक्टरों की वजह से उसे यह सफलता मिली है. महिंद्रा ने घरेलू बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े फैसले लिए हैं.

ट्रैक्टर बाजार में मजबूत हुई महिंद्रा की पकड़

महिंद्रा एंड महिंद्रा का ट्रैक्टर कारोबार पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है. कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र से जुड़े कारोबार में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. चौथी तिमाही में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 43.6 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो उसके इतिहास की सबसे बड़ी तिमाही हिस्सेदारी बताई जा रही है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि किसानों के बीच भरोसा बढ़ने और बेहतर मशीनों की उपलब्धता से बिक्री में तेजी आई है.

कृषि मशीनरी कारोबार में भी बड़ा उछाल

महिंद्रा के कृषि मशीनरी कारोबार में भी इस साल बड़ी वृद्धि देखने को मिली. कंपनी की फार्म मशीनरी से होने वाली आय बढ़कर 1,354 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत ज्यादा है.

किसानों की जरूरत के हिसाब से बदले ट्रैक्टर

महिंद्रा ने अपने ट्रैक्टर पोर्टफोलियो में बड़े बदलाव किए हैं. कंपनी ने 31 से 50 हॉर्सपावर वाले ट्रैक्टरों की लगभग आधी रेंज को अपग्रेड किया है. यही ट्रैक्टर भारतीय किसानों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. कंपनी ने नए मॉडल में इंजन की ताकत बढ़ाने, बेहतर टॉर्क, कम मैकेनिकल जटिलता और नई तकनीक जोड़ने पर फोकस किया है. इन ट्रैक्टरों में टू-व्हील ड्राइव और फोर-व्हील ड्राइव दोनों विकल्प दिए गए हैं. साथ ही ड्यूल क्लच जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं.

कई राज्यों में शुरू हुई नई रेंज

महिंद्रा ने 41 से 50 हॉर्सपावर वाली नई ट्रैक्टर रेंज को पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, हरियाणा, बिहार, कर्नाटक और असम समेत सात राज्यों में लॉन्च किया है. कंपनी की योजना है कि साल 2026 तक इसे पूरे देश में उपलब्ध कराया जाए. कंपनी का मानना है कि अलग-अलग राज्यों की खेती और मिट्टी की जरूरतों के हिसाब से ट्रैक्टरों में बदलाव किया गया है.

स्वराज ब्रांड का भी विस्तार

महिंद्रा के दूसरे लोकप्रिय ट्रैक्टर ब्रांड स्वराज ने भी नया मॉडल लॉन्च किया है. स्वराज प्रोटेक नाम का यह मॉडल फिलहाल पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में उपलब्ध कराया गया है. कंपनी इसे अगले वित्त वर्ष में पूरे देश में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत में स्वराज ट्रैक्टर की मजबूत पकड़ है और नए मॉडल से इसकी बिक्री में और तेजी आ सकती है.

अगले साल आएंगे 19 नए अपडेट

महिंद्रा ने आने वाले वित्त वर्ष के लिए बड़ी तैयारी की है. कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 19 नए ट्रैक्टर लॉन्च और अपग्रेड किए जाएंगे. इनमें 7 बिल्कुल नए मॉडल होंगे जबकि 12 मॉडलों में नए फीचर्स जोड़े जाएंगे. इस कदम को कंपनी की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.

अंतरराष्ट्रीय कारोबार में बड़े बदलाव

महिंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई बड़े फैसले लिए हैं. कंपनी ने फिनलैंड की हार्वेस्टर बनाने वाली कंपनी सैम्पो रोसेनलेव की बिक्री पूरी कर ली है. इसके अलावा जापान और तुर्किये में भी अपने कुछ कारोबारों को बंद या बेचने की प्रक्रिया शुरू की गई है. कंपनी का कहना है कि वह अब उन बाजारों पर ज्यादा ध्यान देगी जहां भविष्य में बेहतर विकास की संभावना है.

मुश्किल हालात में भी बढ़ी हिस्सेदारी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई देशों में ट्रैक्टर उद्योग दबाव में रहा, लेकिन इसके बावजूद महिंद्रा ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई. उत्तर अमेरिका में कंपनी की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत से बढ़कर 6.3 प्रतिशत हो गई. ब्राजील में यह 6 प्रतिशत से बढ़कर 6.6 प्रतिशत पहुंच गई. तुर्किये में उद्योग में भारी गिरावट के बावजूद कंपनी की हिस्सेदारी 5.5 प्रतिशत से बढ़कर 5.8 प्रतिशत हो गई.

किसानों के लिए क्या मायने?

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैक्टर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा किसानों को मिल सकता है. नई तकनीक वाले ट्रैक्टर आने से खेती आसान होगी, ईंधन की बचत होगी और उत्पादन क्षमता भी बढ़ सकती है. साथ ही कंपनियां अब किसानों की जरूरत के अनुसार अलग-अलग मॉडल बाजार में ला रही हैं.

आने वाले समय में क्या उम्मीद?

महिंद्रा का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष में ट्रैक्टर उद्योग मध्यम स्तर की वृद्धि दर्ज कर सकता है. कंपनी का लक्ष्य साल 2031 तक अपने कृषि कारोबार को और कई गुना बढ़ाना है. इसके लिए नए मॉडल, तकनीक और किसानों के लिए बेहतर सेवाओं पर जोर दिया जा रहा है.

खेती में मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में ट्रैक्टर उद्योग में और तेजी देखने को मिल सकती है.

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