झारखंड सरकार ने मॉनसून सत्र के दूसरे अनुपूरक बजट पेश किया है. कुल अनुपूरक बजट 8399 करोड़ रुपये का है. इसमें से ग्रामीण विकास के लिए आधे से ज्यादा यानी 4,258 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, कृषि विकास पर भी खासा ध्यान दिया गया है. महिला किसान खुशहाली योजना के तहत 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके तहत महिला किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई सुविधा और तकनीकी मदद दी जाएगी. इसके अलावा भी कई विभागों की योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड की व्यवस्था बजट में की गई है.
झारखंड सरकार का 8399 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
झारखंड सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 8399 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश करते हुए विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए राशि का प्रावधान रखा. बजट पेश होने के दौरान विपक्षी दल भर्ती परीक्षा विवाद और उसकी जांच की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार विरोध जताते रहे.
महिला किसान खुशहाली योजना के लिए फंड की घोषणा
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सदन में महिला किसानों को बढ़ावा और आर्थिक मजबूती देने के लिए 25 करोड़ अतिरिक्त खर्च किए जाने का प्रावधान किया. उन्होंने कहा कि यह राशि महिला किसान खुशहाली योजना के तहत खर्च की जाएगी. इस रकम के जरिए महिला किसानों के उन्नत बीज, सिंचाई सुविधा और तकनीक मदद दी जाएगी. जबकि, उन्नत और मॉडर्न खेती की ट्रेनिंग भी महिला किसानों को मिलेगी. महिला किसान खुशहाली योजना झारखंड सरकार की ओर से महिला किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई एक पहल है.
ग्रामीण विकास पर आधे से ज्यादा बजट खर्च होगा
राज्य के कुल अनुपूरक बजट में आधे से ज्यादा रकम ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं और कार्यों पर खर्च की जाएगी. वित्त मंत्री ने ग्रामीण विकास कार्यों के लिए सबसे अधिक आवंटन 4,258.67 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस रकम को सड़क, आवास निर्माण समेत अन्य ग्रामीण योजनाओं पर खर्च किया जाएगा. वहीं, ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के तहत राशि भी आवंटित की जाएगी.
स्कूली शिक्षा और पेयजल के लिए भी राशि का प्रावधान
झारखंड सरकार ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की मजबूती के लिए 946.30 करोड़ का प्रावधान किया है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 490.68 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 271.61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया या है.
अनुदान मांगों पर 10 अगस्त को चर्चा होगी
झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू हुआ है, जो 12 अगस्त तक चलेगा. विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के अनुसार इस सत्र में कुल पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं. 10 अगस्त को अनुपूरक बजट से जुड़ी अनुदान मांगों पर सदन में चर्चा होगी. इसके बाद सदन में आगे की वित्तीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी.