किसानों को कंटेनर में डीजल बिक्री पर लगी रोक हटी, बागानों के लिए भी पाबंदियों पर ढील दी गई 

मुख्यमंत्री ने कंटेनर में डीजल सप्लाई पर जारी रोक का जिक्र करते हुए कहा कि इस कदम से किसान भाई कृषि गतिविधियों में मुश्किलों का सामना कर रहे थे, जिससे उन्हें राहत देने के लिए पाबंदियों में ढील दी गई है. उन्होंने कहा कि किसानों, चाय बागानों में कृषि गतिविधियां नहीं रोकी जाएंगी और उन्हें जरूरत के हिसाब से डीजल दिया जाएगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 28 Jun, 2026 | 01:48 PM

पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते प्रभावित ईंधन आपूर्ति के चलते सरकार ने पेट्रोल पंप पर कंटेनर, बैरल में तेल देने पर रोक लगा रखी थी, जिसके चलते किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्यों में दिक्कत हो रही थी. किसानों का कहना था कि वह बार बार ट्रैक्टर को पेट्रोल पंप नहीं ले जा सकते हैं, क्योंकि कृषि कार्य जारी हैं. ऐसे में उन्हें कंटेनर और बैरल में ईंधन देना पहले की तरह जारी रखा जाए. केंद्र के निर्देशों के बाद राज्यों ने इस पर पाबंदी लगा रखी थी. लेकिन, अब राज्यों ने किसानों और कृषि गतिविधियों के लिए पाबंदी में ढील देनी शुरू कर दी है. इस कड़ी में पंजाब सरकार ने ऑयल कंपनियों को ढील देने के निर्देश संबंधी लेटर जारी कर दिया है.

बंगाल सरकार ने किसानों के लिए डीजल बिक्री पर रोक हटाई

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने खेती, हेल्थकेयर और चाय इंडस्ट्री जैसे कई जरूरी सेक्टर के लिए कंटेनर और बैरल में डीजल की बिक्री पर लगी रोक में ढील दी है. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि इस बात की चिंता थी कि इन रोक से रोजाना के काम और इमरजेंसी सर्विस पर असर पड़ रहा है. आदेश पत्र में कहा गया कि सरकार यह पक्का करने के लिए कमिटेड है कि लोगों की रोजाना की जिंदगी और राज्य की इकॉनमी बिना किसी रुकावट के आसानी से चलती रहे.

कृषि गतिविधियों प्रभावित होने से बचाने के लिए फैसला

मुख्यमंत्री ने कंटेनर में डीजल सप्लाई पर जारी रोक का जिक्र करते हुए कहा कि इस कदम से किसानों, अस्पतालों और इमरजेंसी सर्विस देने वाली एजेंसियों के लिए बहुत मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. उन्होंने कहा कि हमारे मेहनती किसान भाई कृषि गतिविधियों में मुश्किलों का सामना कर रहे थे, जिससे उन्हें राहत देने के लिए पाबंदियों में ढील दी गई है. उन्होंने कहा कि किसानों, चाय बागानों में कृषि गतिविधियां नहीं रोकी जाएंगी और उन्हें जरूरत के हिसाब से डीजल दिया जाएगा.

कई सेक्टर को छूट देने के निर्दश जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल और इमरजेंसी सर्विस देने वाले अपना काम करने में बहुत मुश्किलों का सामना कर रहे थे. लोगों के हितों की रक्षा के लिए, पश्चिम बंगाल सरकार ने तुरंत दखल दिया. राज्य सरकार ने बड़ी तेल कंपनियों को हेल्थकेयर, खेती, फूड सप्लाई, पब्लिक यूटिलिटी सर्विस और चाय बागानों जैसे जरूरी सेक्टर को डीजल पर लगी रोक से छूट देने का निर्देश दिया है.

सामान्य ग्राहकों को जरूरत पर पहचान पत्र दिखाना होगा

इसके नतीजे में इन जरूरी सेक्टर से जुड़े लोग, संगठन और ग्राहक अब कंटेनर या बैरल में डीजल खरीदकर बिना किसी मुश्किल के ट्रांसपोर्ट कर सकेंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे ग्राहकों को रोजाना ईंधन सप्लाई की लिमिट में ढील दी गई है. डीजल की बिना रुकावट सप्लाई के लिए ग्राहकों को पंप स्टेशनों पर सिर्फ बेसिक पहचान के डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे. राज्य सरकार का यह कदम खेती और दूसरे जरूरी सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स की थोक डीजल खरीद पर लगी रोक के असर को लेकर चिंताओं के बीच आया है.

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Published: 28 Jun, 2026 | 01:45 PM

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