Wheat Procurement: सिर्फ 2 दिन में किसानों के खाते में 6.37 करोड़, मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. हजारों किसानों से उपज खरीदकर करोड़ों रुपये सीधे खातों में भेजे गए हैं. खरीदी केंद्रों पर पानी, छाया और तौल जैसी सुविधाओं से किसानों को राहत मिली है. रिकॉर्ड पंजीयन और बेहतर दाम ने इस बार किसानों का उत्साह और भरोसा दोनों बढ़ाया है.

नोएडा | Published: 13 Apr, 2026 | 01:24 PM

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी अभियान तेज गति से आगे बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बड़े स्तर पर गेहूं खरीदा जा रहा है. अब तक 7 हजार से ज्यादा किसानों से 3 लाख 6 हजार 190 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है. राहत की बात यह है कि सिर्फ 2 दिन में 6 करोड़ 37 लाख रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में भेज दिए गए हैं. सरकार का फोकस इस बात पर है कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े और केंद्रों पर हर जरूरी सुविधा आसानी से मिले.

किसानों को इंतजार नहीं, सीधे और तेज भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को खरीदी केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. गेहूं बेचने आए किसानों को लाइन में लंबे समय तक खड़ा न रहना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन को पहले से तैयारी करने को कहा गया है. यही वजह है कि खरीदी प्रक्रिया शुरू होते ही भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है. अब तक 7 हजार से अधिक किसानों को उनकी उपज का पैसा सीधे बैंक खातों में भेजा जा चुका है. 2 दिन में 6.37 करोड़ रुपये का भुगतान इस बात का संकेत है कि सरकार इस बार खरीदी और भुगतान दोनों को तेज और आसान बनाना चाहती है. इससे किसानों में भरोसा बढ़ा है और वे बिना किसी चिंता के अपनी उपज मंडियों और केंद्रों पर ला रहे हैं.

3171 खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पूरी सुविधा

राज्य सरकार ने इस बार गेहूं खरीदी  के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए हैं. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि जहां खरीदी शुरू हो चुकी है, वहां किसानों के लिए बैठने के लिए छायादार जगह, पीने के पानी, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और गुणवत्ता जांच के उपकरण तक उपलब्ध कराए गए हैं. इसके साथ ही गेहूं की साफ-सफाई के लिए पंखे और छनने की व्यवस्था भी की गई है ताकि किसानों की उपज जल्दी और सही तरीके से खरीदी जा सके. बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था होने से बोरी की कमी जैसी समस्या भी सामने नहीं आएगी. सरकार की कोशिश है कि किसान केंद्र पर पहुंचे और कम समय में पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाए.

MSP के साथ बोनस, किसानों को मिलेगा बेहतर दाम

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए सरकार किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य  पर गेहूं खरीद रही है. इसके ऊपर राज्य सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दे रही है. यानी किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मिल रहा है. यह बेहतर कीमत किसानों के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि इससे उनकी लागत निकलने के साथ मुनाफा भी बढ़ेगा. सरकार ने खरीदे गए गेहूं के सुरक्षित भंडारण और तेजी से परिवहन की भी व्यवस्था की है. अब तक 1 लाख 5 हजार 260 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है, जिससे केंद्रों पर जगह बनी रहे और खरीदी बिना रुकावट जारी रहे.

रिकॉर्ड पंजीयन और पिछले साल से बड़ा लक्ष्य

इस साल प्रदेश में गेहूं खरीदी  के लिए रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है. यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 3 लाख 60 हजार ज्यादा है. इससे साफ है कि किसानों का भरोसा सरकारी खरीदी व्यवस्था पर बढ़ा है. पिछले साल लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस बार सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा है. यानी पिछले साल से 1 लाख मीट्रिक टन ज्यादा खरीदी का लक्ष्य तय किया गया है. इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि बाकी संभागों में 15 अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी. अभी तक 1 लाख 90 हजार 261 किसानों ने 85 लाख 12 हजार 830 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक कर लिए हैं. यह दिखाता है कि आने वाले दिनों में खरीदी का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा.

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