मध्य प्रदेश में आज से गेहूं खरीदी शुरू, 2700 रुपये प्रति क्विंटल भाव के साथ किसानों को मिलेंगी खास सुविधाएं

सरकार ने इस बार किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है. सभी खरीद केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां किसानों को हर तरह की जानकारी और सहायता मिल सकेगी. इसके अलावा, गर्मी को देखते हुए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान असुविधा का सामना न करे.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 9 Apr, 2026 | 10:18 AM

MP wheat procurement: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन की सबसे अहम प्रक्रिया यानी गेहूं की खरीद आखिरकार शुरू हो गई है. कई दिनों की प्रतीक्षा और तारीखों में बदलाव के बाद 9 अप्रैल 2026 से राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस बार सरकार ने न सिर्फ किसानों को बेहतर दाम देने का भरोसा दिया है, बल्कि पूरी व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए खास इंतजाम भी किए हैं.

किसानों को राहत, आज से शुरू हुई खरीदी

राज्य के किसानों के लिए यह खबर किसी राहत से कम नहीं है. 9 अप्रैल से शुरू हुई इस खरीदी में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य देने का दावा किया गया है.

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री निवास से की जा रही है. इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से हर खरीद केंद्र की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कहीं भी किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चले.

MSP पर मिलेगा बेहतर दाम

इस बार किसानों को गेहूं का अच्छा दाम मिलने जा रहा है. रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इसके साथ ही राज्य सरकार ने अपनी ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस जोड़ने का फैसला किया है.

इस तरह किसानों को कुल मिलाकर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिलने की व्यवस्था की गई है. यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उठाया गया है.

खरीद केंद्रों पर खास सुविधाएं

सरकार ने इस बार किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा है. सभी खरीद केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाए गए हैं, जहां किसानों को हर तरह की जानकारी और सहायता मिल सकेगी. इसके अलावा, गर्मी को देखते हुए पीने के पानी और छाया की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान असुविधा का सामना न करे. इतना ही नहीं, जो किसान खरीद केंद्र पर आएंगे, उन्हें सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वे ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें.

छोटे किसानों को प्राथमिकता

सरकार ने यह भी तय किया है कि खरीदी की शुरुआत में छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिन किसानों के पास सीमित संसाधन हैं, उन्हें पहले अपनी उपज बेचने का मौका मिले और उन्हें ज्यादा इंतजार न करना पड़े.

भीड़ से बचने के लिए स्लॉट बुकिंग

पिछले वर्षों में खरीद केंद्रों पर लंबी लाइन और भीड़ की समस्या सामने आती रही है. इसे देखते हुए इस बार ‘स्लॉट बुकिंग’ की व्यवस्था लागू की गई है. इसके जरिए किसान पहले से समय तय कर सकते हैं, जिससे उन्हें केंद्र पर जाकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा. यह व्यवस्था समय की बचत के साथ-साथ व्यवस्था को भी सुचारू बनाएगी.

बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था

हर साल गेहूं खरीदी के दौरान बारदाने यानी बोरियों की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती थी. लेकिन इस बार सरकार ने पहले से ही इसकी पर्याप्त व्यवस्था करने का दावा किया है. इससे किसानों को अपनी उपज जमा करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और खरीदी प्रक्रिया बिना रुकावट के जारी रहेगी.

मंत्रियों को भी दी गई जिम्मेदारी

सरकार ने इस बार खरीदी प्रक्रिया को लेकर सख्ती दिखाई है. राज्य के मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में जाकर खरीद व्यवस्था की निगरानी करें. इससे जमीनी स्तर पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सकेगा और किसानों को समय पर भुगतान मिल सकेगा.

किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी माना कि गेहूं की कीमत को मौजूदा स्तर तक लाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने इसे संभव बनाया है.

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Published: 9 Apr, 2026 | 10:15 AM
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