हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 1 लाख एकड़ में होगी फार्मिंग.. सभी जिलों को मिला टारगेट

हरियाणा सरकार ने 2026-27 में 1 लाख एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य तय किया है. राज्य में क्लस्टर सिस्टम लागू होगा और किसानों को 'मास्टर ट्रेनर' बनाया जाएगा. सरकार का कहना है कि रासायनिक खेती से मिट्टी, पानी और स्वास्थ्य पर संकट बढ़ रहा है, इसलिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है.

Kisan India
नोएडा | Published: 20 May, 2026 | 02:54 PM

Natural Farming: हरियाणा सरकार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वर्ष 2026-27 के दौरान 1 लाख एकड़ जमीन पर प्राकृतिक खेती करने का लक्ष्य रखा है. विभाग की ओर से सभी जिलों के उपनिदेशकों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्राकृतिक खेती को टिकाऊ विकास का अहम माध्यम बनाया जाएगा. इस लक्ष्य के तहत 5,000 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन प्लॉट भी तैयार किए जाएंगे. जिलावार लक्ष्य में कुरुक्षेत्र को सबसे ज्यादा 10,000 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है. इसके बाद सिरसा को 7,000 एकड़ और हिसार, जींद, कैथल, करनाल, सोनीपत व यमुनानगर को 6,000-6,000 एकड़ का लक्ष्य मिला है.

इसी तरह फतेहाबाद, पंचकूला और रोहतक को 5,000-5,000 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है, जबकि भिवानी और झज्जर को 4,000-4,000 एकड़ का लक्ष्य मिला है. अंबाला, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, नूंह, पलवल, पानीपत और रेवाड़ी को 3,000-3,000 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है. वहीं फरीदाबाद और गुरुग्राम को 1,500-1,500 एकड़ का लक्ष्य मिला है.

प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ी किसानों की रुचि

अंबाला के उप कृषि निदेशक डॉ. जसविंदर सिंह ने ‘द ट्रिब्यून’ से कहा कि सरकार ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र को प्राकृतिक खेती  के तहत लाने की कोशिश कर रही है, इसलिए जिलावार लक्ष्य तय किए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिले के किसान प्राकृतिक खेती में अच्छी रुचि दिखा रहे हैं और कई प्रगतिशील किसानों ने इसे अपनाना शुरू कर दिया है. उन्हें भरोसा है कि तय लक्ष्य हासिल कर लिए जाएंगे.

प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

हरियाणा सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने हाल ही में कुरुक्षेत्र दौरे के दौरान गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के साथ बैठक की. इस बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की योजनाओं पर चर्चा हुई. बैठक में कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे. जानकारी के अनुसार, गुजरात की तर्ज पर हरियाणा में भी ‘क्लस्टर सिस्टम’ अपनाने का फैसला लिया गया है, ताकि प्राकृतिक खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा सके. इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारियों को गुरुकुल कुरुक्षेत्र स्थित प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केंद्र में विशेष प्रशिक्षण देने का भी निर्णय लिया गया.

गांव-गांव जाकर प्राकृतिक खेती का संदेश फैलाएंगे

इसके बाद किसानों को ‘मास्टर ट्रेनर’ बनाया जाएगा, जो गांव-गांव जाकर प्राकृतिक खेती का संदेश फैलाएंगे. हर क्लस्टर में कृषि विभाग का एक अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो करीब 150 किसानों के साथ मिलकर काम करेगा और उन्हें वैज्ञानिक व व्यावहारिक मार्गदर्शन देगा. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार मिशन मोड में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना चाहती है. इसके लिए किसानों की उपज बेचने की प्रभावी व्यवस्था भी बनाई जाएगी.

किसान प्राकृतिक खेती अभियान से जुड़ रहे हैं

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में किसान प्राकृतिक खेती अभियान से जुड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. प्राकृतिक खेती अब सिर्फ एक विकल्प नहीं रही, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह बेहद जरूरी बन गई है. रासायनिक खेती  की वजह से पानी, मिट्टी और लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है. अगर किसान समय रहते प्राकृतिक खेती की ओर नहीं बढ़ते हैं, तो भविष्य में पीने के पानी और उपजाऊ जमीन का संकट और गहरा सकता है.

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