Wheat Procurement: पंजाब में गेहूं खरीद प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. शनिवार को कुल आवक 94,11,200 मीट्रिक टन से ज्यादा पहुंच गई, जो इस सीजन के अनुमानित कुल लक्ष्य का करीब 72 फीसदी है. इस दिन एक ही दिन में 6,21,397 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई, जिससे खरीद अभियान की रफ्तार बनी रही. इस सीजन में अब तक कुल 90,17,811 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. इसमें से 89,70,433 मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों ने खरीदा है, जबकि 47,378 मीट्रिक टन निजी व्यापारियों ने खरीदा है. शनिवार को कुल 6,23,697 मीट्रिक टन की खरीद दर्ज हुई, जिसमें सरकारी एजेंसियों ने 6,14,170 मीट्रिक टन और व्यापारियों ने 9,526 मीट्रिक टन खरीदा. वहीं, किसानों को भुगतान के लिए 19,976.44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.
सरकारी एजेंसियों में Pungrain सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है, जो FCI, Markfed, PSWC और Punsup के साथ मिलकर मंडियों में गेहूं की खरीद कर रहा है, ताकि पूरी फसल की सही तरीके से खरीद हो सके. अधिकारियों के अनुसार 3,93,388 मीट्रिक टन गेहूं अभी बिना बिके रह गया है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द उठाने की कोशिश की जा रही है.
कुल उठाव 29,02,220 मीट्रिक टन तक पहुंच गया
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अप्रैल की शाम तक कुल उठाव 29,02,220 मीट्रिक टन तक पहुंच गया. उस दिन 4,70,377 मीट्रिक टन गेहूं का उठाव हुआ, जो पिछले दिन के 4,45,334 मीट्रिक टन से ज्यादा था. 72 घंटे के नियम के अनुसार अभी 38,17,420 मीट्रिक टन गेहूं नहीं उठाया गया है, जबकि कुल मिलाकर 60,68,213 मीट्रिक टन गेहूं अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है. ऐसे जिलों के स्तर पर गेहूं उठाव में पठानकोट सबसे आगे रहा, जहां दक्षता 64.91 फीसदी रही. इसके बाद लुधियाना ईस्ट 63.88 फीसदी और लुधियाना वेस्ट 62.56 फीसदी पर रहे, जबकि मानसा में यह आंकड़ा 61.71 फीसदी दर्ज किया गया. वहीं अमृतसर सबसे पीछे रहा, जहां केवल 25.47 फीसदी गेहूं का उठाव हुआ. वहीं, तरनतारन 30.12 फीसदी और मोगा 34.08 फीसदी के साथ निचले स्तर पर रहे.
अनुमानित लक्ष्य का 96 फीसदी पूरा
आवक के मामले में मोहाली ने अपने अनुमानित लक्ष्य का 96 फीसदी पूरा कर लिया, जबकि पटियाला और कपूरथला दोनों 88 फीसदी पर रहे. फतेहगढ़ साहिब और संगरूर में यह आंकड़ा 80 फीसदी रहा और रूपनगर में सुधार होकर 81 फीसदी तक पहुंच गया. कुल मात्रा के हिसाब से पटियाला सबसे आगे रहा, जहां 8,11,230 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई. इसके बाद संगरूर में 7,72,765 मीट्रिक टन और बठिंडा में 6,27,702 मीट्रिक टन दर्ज किया गया. गुरदासपुर (51 फीसदी) और होशियारपुर (59 फीसदी) राज्य औसत से नीचे रहे, लेकिन आने वाले दिनों में यहां आवक बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में कटाई अभी जारी है.
किसानों को जल्द होगा भुगतान
कुल मिलाकर राज्य में गेहूं की आवक 94,11,200 मीट्रिक टन तक पहुंच गई, जिसमें एक ही दिन में 6.21 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई. इस सीजन में अब तक की खरीद पिछले साल के लक्ष्य का 72 फीसदी है, जो 24 अप्रैल के 68 फीसदी से 4 फीसदी ज्यादा है. भुगतान के मामले में सरकार ने किसानों को 19,976.44 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जबकि देय राशि 19,209.19 करोड़ रुपये थी. यह दर्शाता है कि भुगतान समय पर और लक्ष्य से ज्यादा किया गया है. वास्तव में किसानों के बैंक खातों में 17,749.59 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं. 48 घंटे में भुगतान करने के नियम का पालन 103.99 फीसदी रहा, यानी भुगतान व्यवस्था तय समय से भी बेहतर रही. हालांकि, 24 अप्रैल को दर्ज 106.63 फीसदी की तुलना में यह थोड़ा कम रहा, फिर भी 48 घंटे में भुगतान का अनुपालन 100 फीसदी से ऊपर बना हुआ है.