Paddy Purchase: ओडिशा सरकार ने धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ा दी है. इसी बीच आंध्र प्रदेश में आज यानी 4 अप्रैल से रबी धान की खरीदी शुरू हो गई है. आंध्र प्रदेश के नागरिक आपूर्ति मंत्री नदेंदला मनोहर ने कहा है कि रबी सीजन के लिए 23 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया. उन्होंने मीडिया को बताया कि किसानों को खरीद के 24 घंटे के भीतर भुगतान किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि 23 लाख टन का यह लक्ष्य आंध्र प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा है. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि रबी धान किसानों को अच्छी कमाई होगी.
मंत्री नदेंदला मनोहर ने कहा कि पिछली वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2023 में केवल 14 लाख टन और 2024 में 12.64 लाख टन धान खरीदा था. इस बार धान की खरीद 1,917 पेडी खरीद केंद्रों के माध्यम से की जाएगी. धान खरीद में सबसे बड़ी चुनौती, बोरी की उपलब्धता पर नदेंदला मनोहर ने कहा कि कम से कम 5.4 करोड़ बोरी उपलब्ध हैं. इसके अलावा, चावल मिलरों से सेल्फ‑डिक्लेरेशन लिया जाएगा, जिससे खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलेगी.
सभी गाड़ियों पर जीपीएस लगाया जाएगा
मंत्री ने कहा कि 17,200 लॉरी धान की ढुलाई के लिए तैनात की जाएंगी और इन सभी पर जीपीएस लगाया जाएगा ताकि उनकी स्थिति और रास्ता ट्रैक किया जा सके. उन्होंने कहा कि खरीफ-2025 में कुल 51 लाख टन धान खरीदा गया और 7.8 लाख किसानों को 11,300 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें से 7,300 करोड़ रुपये खरीद के आठ घंटे के भीतर ही भुगतान किया गया था.
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सरकार ने धान की खरीद अवधि सात दिन बढ़ा दी
वहीं, ओडिशा सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए इस साल के खरीफ सीजन में धान की खरीद अवधि सात दिन बढ़ा दी है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी किसान का टोकन समाप्त होने के कारण उसकी फसल न बचे. खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित को प्राथमिकता दे रही है और खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि ध्यान रखा जाएगा कि किसी किसान का टोकन खरीद के दौरान समाप्त न हो.
77 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस खरीफ सीजन में अब तक लगभग 77 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है और करीब 18.64 लाख किसानों ने सफलतापूर्वक अपनी फसल बेची है. समय बढ़ाने का यह कदम उन किसानों के लिए है जो पहले निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे. अतिरिक्त समय देने से राज्य की मंडियों और खरीद केंद्रों में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सकेगी.