चीनी स्टॉक पर सरकार की सख्ती, बिक्री के 7 दिन में उठाना होगा माल.. इस वजह से लिया फैसला
केंद्र सरकार ने चीनी मिलों पर सख्ती बढ़ाते हुए बिक्री के बाद 7 दिन में स्टॉक उठाने का निर्देश दिया है. कुछ मिलों में स्टॉक की गड़बड़ी मिलने के बाद सरकार ने यह कदम उठाया. चीनी की खुदरा कीमत एक महीने में 8 फीसदी बढ़ी है. सरकार ने स्टॉक की जांच और थोक बिक्री की निगरानी भी बढ़ा दी है.
केंद्र सरकार ने चीनी के स्टॉक और बिक्री को लेकर मिलों पर सख्ती बढ़ा दी है. सरकार ने मिलों को निर्देश दिया है कि बिक्री के बाद खरीदार 7 दिन के भीतर चीनी का स्टॉक उठा लें. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा. वहीं, कुछ मिलों के स्टॉक में गड़बड़ी मिलने के बाद सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की थोक चीनी बिक्री का पूरा डेटा भी मांगा है.
खाद्य मंत्रालय के मुताबिक, कुछ मिलों के पास P2 फॉर्म में बताए गए स्टॉक से ज्यादा चीनी मिली है. वहीं, कुछ मिलें अपने तय मासिक कोटे से कम चीनी बेच रही हैं. हाल ही में विभाग की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान भी इस तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं. सरकार ने कहा है कि गलत या भ्रामक जानकारी देने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. इसके लिए Essential Commodities Act, 1955 और Sugar (Control) Order, 2025 के तहत कार्रवाई का अधिकार सरकार के पास है.
चीनी की जमाखोरी पर सरकार सख्त
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ मिलें महीने की शुरुआत में चीनी बेच देती हैं, लेकिन खरीदार उसका उठाव या डिस्पैच महीने के आखिर में करते हैं. सरकार के मुताबिक, इससे बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा होती है और कीमतों पर असर पड़ सकता है. केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को बिक्री के बाद अधिकतम 7 दिन तक ही चीनी का स्टॉक अपने परिसर में रखने की अनुमति दी है. खाद्य मंत्रालय ने कहा कि कुछ मिलों के सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. हालांकि, मिल के नियंत्रण से बाहर की परिस्थितियों में यह नियम लागू नहीं होगा. यह निर्देश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा. सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित चीनी मिल के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
चीनी स्टॉक की जांच जारी रहेगी, मिलों को मिली राहत
चीनी के स्टॉक की जांच के लिए 1 अगस्त से शुरू हुआ विशेष अभियान 14 अगस्त को खत्म होना था. अब केंद्र और राज्य सरकार की टीमें मिलों में चीनी के स्टॉक की जांच और भौतिक सत्यापन आगे भी जारी रखेंगी. मंत्रालय ने चीनी मिलों को राहत भी दी है. मौजूदा बाजार स्थिति को देखते हुए अक्टूबर 2026 में उत्पादित चीनी को मिलें अक्टूबर के साथ-साथ नवंबर 2026 में भी बेच सकेंगी.
चीनी के दाम एक महीने में 8 फीसदी बढ़े
देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत पिछले एक महीने में 8 फीसदी बढ़ गई है. वहीं, थोक बाजार में चीनी के दाम करीब 7 फीसदी बढ़े हैं. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के इलाकों में कीमतों में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. यहां चीनी का भाव करीब 55-56 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है, जो एक महीने पहले 46-48 रुपये प्रति किलो था. हालांकि, सरकारी आंकड़ों में 12 अगस्त को दिल्ली में चीनी की औसत कीमत 49 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई.