किसानों की सेहत के लिए खतरा बने कीटनाशक पैराक्वाट पर बैन, सरकार ने ऑनलाइन बिक्री पर भी लगाई रोक

Herbicide Paraquat Ban: सरकार ने सिर्फ बाजारों में बिक्री पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इसकी बिक्री रोकने के कदम उठाए हैं. अब कोई भी व्यक्ति इसे ऑनलाइन ऑर्डर नहीं कर सकेगा. इससे इसके अनियंत्रित इस्तेमाल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 2 Apr, 2026 | 06:49 PM

paraquat ban Telangana: तेलंगाना सरकार ने किसानों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य में लंबे समय से विवादों में रहे खतरनाक खरपतवारनाशी ‘पैराक्वाट’ पर अब अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है. सरकार ने इसके इस्तेमाल, बिक्री, भंडारण और उत्पादन पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब इस रसायन से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और मौतों के मामले सामने आए थे.

60 दिनों के लिए लगाया गया प्रतिबंध

राज्य सरकार ने पैराक्वाट पर 60 दिनों का प्रतिबंध लगाया है. यह वह अधिकतम अवधि है, जिसके लिए कोई राज्य सरकार कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत किसी रसायन पर रोक लगा सकती है. जरूरत पड़ने पर इस प्रतिबंध को 30 दिन और बढ़ाया जा सकता है.

हालांकि, स्थायी रूप से किसी भी कीटनाशक या खरपतवारनाशी पर बैन लगाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास होता है. इसी को देखते हुए तेलंगाना विधानसभा ने 30 मार्च को एक प्रस्ताव पास कर केंद्र से इस पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग भी की है.

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के अनुसार, पैराक्वाट के इस्तेमाल से इंसान और पशुओं के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे थे. खासकर किसानों में इसके संपर्क में आने से कई तरह की बीमारियां सामने आईं. इसके अलावा कई मामलों में यह रसायन जानलेवा भी साबित हुआ.

डॉक्टरों का कहना है कि पैराक्वाट शरीर के अंदर जाने पर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, कई अंगों को प्रभावित करता है और कई बार मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि इसका कोई प्रभावी इलाज या एंटीडोट उपलब्ध नहीं है.

ऑनलाइन बिक्री पर भी लगेगी रोक

सरकार ने सिर्फ बाजारों में बिक्री पर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इसकी बिक्री रोकने के कदम उठाए हैं. अब कोई भी व्यक्ति इसे ऑनलाइन ऑर्डर नहीं कर सकेगा. इससे इसके अनियंत्रित इस्तेमाल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने साफ कर दिया है कि जो भी इस प्रतिबंध का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कृषि विभाग को इस आदेश को लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है और अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.

डॉक्टरों और संगठनों ने किया समर्थन

इस फैसले का डॉक्टरों और स्वास्थ्य संगठनों ने स्वागत किया है. हेल्थकेयर रिफॉर्म्स डॉक्टर्स एसोसिएशन (HRDA) और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के कई डॉक्टर लंबे समय से इस रसायन पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे.

डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने कई ऐसे मामले देखे हैं, जहां पैराक्वाट के संपर्क में आने से लोगों की हालत बेहद गंभीर हो गई. कई बार मरीजों की जान भी नहीं बचाई जा सकी. ऐसे में यह प्रतिबंध लोगों की जान बचाने की दिशा में एक अहम कदम है.

देशभर में बैन की उठी मांग

तेलंगाना में लगे इस प्रतिबंध के बाद अब पूरे देश में भी इस रसायन पर स्थायी रोक लगाने की मांग तेज हो गई है. कई देशों में पहले ही पैराक्वाट पर बैन लगाया जा चुका है, क्योंकि इसे बेहद खतरनाक माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत में भी इस पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाता है, तो इससे किसानों की सुरक्षा बढ़ेगी और स्वास्थ्य से जुड़े जोखिम कम होंगे.

किसानों के लिए क्या मायने?

यह फैसला किसानों के लिए दो तरह से अहम है. एक तरफ यह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, वहीं दूसरी तरफ उन्हें वैकल्पिक और सुरक्षित तरीकों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा.

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Published: 2 Apr, 2026 | 06:03 PM
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