Agriculture News: एक बार लगाइए, सालों कमाइए, किसानों के लिए ATM से कम नहीं ये 5 फसलें!

Tips For Farmers: आज खेती सिर्फ हल चलाने और फसल काटने तक सीमित नहीं रह गई है. बढ़ती लागत और घटते मुनाफे के दौर में अगर किसान खेती को बिजनेस की तरह न देखें, तो आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है. लेकिन अच्छी खबर यह है कि भारत में ऐसी कई फसलें मौजूद हैं, जो एक बार सही तरीके से शुरू कर दी जाएं तो सालों तक लगातार कमाई देती हैं. सही प्लानिंग, थोड़ा धैर्य और बाजार की समझ के साथ खेती अब किसानों की किस्मत बदलने का मजबूत जरिया बन सकती है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 24 Dec, 2025 | 03:35 PM
1 / 6अब खेती एक ऐसा बिजनेस बन चुकी है, जिसमें सही फसल, सही समय और सही तकनीक अपनाकर किसान सालाना लाखों रुपये कमा सकते हैं. बाजार की मांग को समझकर की गई खेती में जोखिम कम और मुनाफा ज्यादा होता है.

अब खेती एक ऐसा बिजनेस बन चुकी है, जिसमें सही फसल, सही समय और सही तकनीक अपनाकर किसान सालाना लाखों रुपये कमा सकते हैं. बाजार की मांग को समझकर की गई खेती में जोखिम कम और मुनाफा ज्यादा होता है.

2 / 6Bamboo Farming: बांस की खेती लंबे समय के लिए सबसे सुरक्षित और मजबूत निवेश मानी जाती है. एक बार पौधे लगाने के बाद 40–50 साल तक लगातार कटाई और बिक्री संभव होती है. बांस का उपयोग फर्नीचर, घर निर्माण, कागज उद्योग, अगरबत्ती और हस्तशिल्प में होता है, जिससे इसकी मांग कभी खत्म नहीं होती.

Bamboo Farming: बांस की खेती लंबे समय के लिए सबसे सुरक्षित और मजबूत निवेश मानी जाती है. एक बार पौधे लगाने के बाद 40–50 साल तक लगातार कटाई और बिक्री संभव होती है. बांस का उपयोग फर्नीचर, घर निर्माण, कागज उद्योग, अगरबत्ती और हस्तशिल्प में होता है, जिससे इसकी मांग कभी खत्म नहीं होती.

3 / 6Poplar Tree Farming: जो किसान लंबे समय तक खेत खाली छोड़ देते हैं, उनके लिए पॉपलर और यूकेलिप्टस की खेती बेहद फायदेमंद है. ये पेड़ 5 से 7 साल में पूरी तरह तैयार हो जाते हैं और फर्नीचर व पेपर मिलों में आसानी से बिक जाते हैं. खास बात यह है कि इनकी देखभाल में ज्यादा मेहनत नहीं लगती.

Poplar Tree Farming: जो किसान लंबे समय तक खेत खाली छोड़ देते हैं, उनके लिए पॉपलर और यूकेलिप्टस की खेती बेहद फायदेमंद है. ये पेड़ 5 से 7 साल में पूरी तरह तैयार हो जाते हैं और फर्नीचर व पेपर मिलों में आसानी से बिक जाते हैं. खास बात यह है कि इनकी देखभाल में ज्यादा मेहनत नहीं लगती.

4 / 6Medicinal Plants Farming: आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग ने औषधीय पौधों की खेती को सुनहरा मौका बना दिया है. अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी और स्टीविया जैसी फसलें कम पानी और कम कीटनाशकों में तैयार हो जाती हैं. कई कंपनियां इन फसलों को पहले से तय कीमत पर खरीदती हैं.

Medicinal Plants Farming: आयुर्वेद और हर्बल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग ने औषधीय पौधों की खेती को सुनहरा मौका बना दिया है. अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी और स्टीविया जैसी फसलें कम पानी और कम कीटनाशकों में तैयार हो जाती हैं. कई कंपनियां इन फसलों को पहले से तय कीमत पर खरीदती हैं.

5 / 6Fruit Farming: फलदार पेड़ों की खेती धैर्य मांगती है, लेकिन इसका फायदा लंबे समय तक मिलता है. आम, अमरूद, अनार, नींबू और कटहल जैसे पेड़ 3–5 साल में फल देने लगते हैं और उसके बाद हर साल नियमित कमाई होती है. अगर किसान जैविक तरीके से खेती करें, तो फलों की कीमत बाजार में और ज्यादा मिलती है.

Fruit Farming: फलदार पेड़ों की खेती धैर्य मांगती है, लेकिन इसका फायदा लंबे समय तक मिलता है. आम, अमरूद, अनार, नींबू और कटहल जैसे पेड़ 3–5 साल में फल देने लगते हैं और उसके बाद हर साल नियमित कमाई होती है. अगर किसान जैविक तरीके से खेती करें, तो फलों की कीमत बाजार में और ज्यादा मिलती है.

6 / 6हरियाणा में IMT खरखौदा, मानेसर और अन्य क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे, जिससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे. (Photo Credit: Canva)

हरियाणा में IMT खरखौदा, मानेसर और अन्य क्षेत्रों में नए निवेश आएंगे, जिससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे. (Photo Credit: Canva)

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Published: 24 Dec, 2025 | 03:35 PM

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