कोहरे में बर्बाद हो जाती है आपकी फसल? आजमाएं ये 6 देसी उपाय, नहीं होगा एक पत्ता भी खराब!
Tips To Protect Plants From Fog: सर्दियों में कोहरा सिर्फ ठंड ही नहीं लाता, बल्कि किसानों और बागवानी करने वालों की चिंता भी बढ़ा देता है. घना कोहरा पौधों की पत्तियों पर जमकर नमी बढ़ा देता है, जिससे फसल झुलसने लगती है, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. कई बार मेहनत से तैयार की गई फसल कुछ ही दिनों में खराब होने लगती है. ऐसे में अगर कोहरा पड़ने से पहले सही देखभाल और देसी उपाय अपना लिए जाएं, तो पौधों को इस नुकसान से काफी हद तक बचाया जा सकता है और सर्दी के मौसम में भी गार्डन और खेत सुरक्षित रखे जा सकते हैं.

सर्दी के मौसम में कोहरा पौधों की जड़ों को कमजोर कर देता है, जिससे उनका विकास रुक सकता है. ऐसे में गोबर का रस, गोमूत्र या छाछ और पानी का मिश्रण जड़ों में डालना फायदेमंद रहता है. यह घोल मिट्टी में गर्माहट बनाए रखता है और पौधों को ठंड के झटके से बचाता है.

जब मौसम में कोहरे की संभावना दिखे, तो उससे पहले गार्डन या खेत में हल्की सिंचाई कर देनी चाहिए. इससे पत्तियों पर कोहरे की परत जमने की संभावना कम होती है. ध्यान रखें कि पानी जमा न हो, क्योंकि ज्यादा नमी से पौधे खराब भी हो सकते हैं.

अगर वैज्ञानिक और आधुनिक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो मल्चिंग पेपर बहुत कारगर उपाय है. इसे पौधों या क्यारियों के ऊपर बिछाने से कोहरा सीधे पत्तियों पर नहीं बैठता. इससे नमी नियंत्रित रहती है और ठंड से होने वाला नुकसान काफी कम हो जाता है.

भूसा सिर्फ पशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि पौधों के लिए भी फायदेमंद होता है. पौधों की जड़ों के आसपास भूसा या सूखी पत्तियां बिछाने से जमीन की गर्माहट बनी रहती है और कोहरे की ठंड सीधे जड़ों तक नहीं पहुंचती.

चूल्हे से निकलने वाली राख को पारंपरिक रूप से ठंड से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है. शाम के समय हल्की मात्रा में राख पौधों पर छिड़कने से पत्तियों पर कोहरे का असर कम होता है और सर्दी से होने वाला नुकसान घटता है.

सर्दी में सबसे जरूरी है मिट्टी में नमी और तापमान का संतुलन. सही समय पर सिंचाई, जैविक उपाय और ढकाव अपनाकर पौधों को गलने, झुलसने और बीमार पड़ने से बचाया जा सकता है, जिससे फसल स्वस्थ बनी रहती है.