रोज 5 लीटर तक दूध देती हैं इन नस्ल की बकरियां, किसानों के लिए बन गईं ‘सोने की चिड़िया’

Goat Farming Tips: दूध की बढ़ती मांग के बीच बकरी पालन किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर बन गया है. सही नस्ल की बकरियां न सिर्फ अधिक दूध देती हैं, बल्कि जल्दी प्रजनन कर किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा भी दिलाती हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 4 Oct, 2025 | 07:00 PM
1 / 5सिरोही और मारवाड़ी नस्ल की बकरियां मुख्यतः राजस्थान और यूपी के इलाकों में पाई जाती हैं. ये गर्मी और कठिन परिस्थितियों को आसानी से झेल लेती हैं. सिरोही बकरी दूध के साथ-साथ मांस के लिए भी प्रसिद्ध है, जबकि मारवाड़ी नस्ल करीब 1 लीटर तक दूध देने में सक्षम होती है.

सिरोही और मारवाड़ी नस्ल की बकरियां मुख्यतः राजस्थान और यूपी के इलाकों में पाई जाती हैं. ये गर्मी और कठिन परिस्थितियों को आसानी से झेल लेती हैं. सिरोही बकरी दूध के साथ-साथ मांस के लिए भी प्रसिद्ध है, जबकि मारवाड़ी नस्ल करीब 1 लीटर तक दूध देने में सक्षम होती है.

2 / 5हरियाणा की जखराना नस्ल दूध उत्पादन के लिए खास मानी जाती है. वहीं, बरबरी नस्ल छोटे कद की होने के बावजूद 1 से 1.5 लीटर तक दूध दे देती है. बरबरी जल्दी प्रजनन करने वाली नस्ल है, जिससे किसानों को लगातार दूध और बकरी के बच्चे दोनों का फायदा मिलता है.

हरियाणा की जखराना नस्ल दूध उत्पादन के लिए खास मानी जाती है. वहीं, बरबरी नस्ल छोटे कद की होने के बावजूद 1 से 1.5 लीटर तक दूध दे देती है. बरबरी जल्दी प्रजनन करने वाली नस्ल है, जिससे किसानों को लगातार दूध और बकरी के बच्चे दोनों का फायदा मिलता है.

3 / 5तोतापरी नस्ल दक्षिण भारत में पाई जाती है और इसकी पहचान इसके पौष्टिक दूध से होती है. इस नस्ल का दूध खासकर हेल्थ-कॉन्शस लोगों और बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. किसान इसे आसानी से पाल सकते हैं क्योंकि यह सामान्य जलवायु में भी टिक जाती है.

तोतापरी नस्ल दक्षिण भारत में पाई जाती है और इसकी पहचान इसके पौष्टिक दूध से होती है. इस नस्ल का दूध खासकर हेल्थ-कॉन्शस लोगों और बच्चों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. किसान इसे आसानी से पाल सकते हैं क्योंकि यह सामान्य जलवायु में भी टिक जाती है.

4 / 5जमनापारी को भारत की सबसे लोकप्रिय बकरी नस्ल माना जाता है. इसके लंबे कान और खूबसूरत शरीर इसे अलग पहचान दिलाते हैं. यह नस्ल लगभग 1 से 1.5 लीटर तक दूध देती है. जमनापारी की मांग पूरे देश में होती है और यह मांस उत्पादन के लिए भी उपयोगी है.

जमनापारी को भारत की सबसे लोकप्रिय बकरी नस्ल माना जाता है. इसके लंबे कान और खूबसूरत शरीर इसे अलग पहचान दिलाते हैं. यह नस्ल लगभग 1 से 1.5 लीटर तक दूध देती है. जमनापारी की मांग पूरे देश में होती है और यह मांस उत्पादन के लिए भी उपयोगी है.

5 / 5बीटल नस्ल को पंजाब की प्रीमियम नस्ल कहा जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लगभग 5 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है. इसकी कीमत 20 से 25 हजार रुपये तक हो सकती है. दूध उत्पादन में यह बकरी किसानों को अधिक लाभ दिलाती है.

बीटल नस्ल को पंजाब की प्रीमियम नस्ल कहा जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह लगभग 5 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है. इसकी कीमत 20 से 25 हजार रुपये तक हो सकती है. दूध उत्पादन में यह बकरी किसानों को अधिक लाभ दिलाती है.

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Published: 4 Oct, 2025 | 07:00 PM

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