धान की खेती में चाहिए बंपर पैदावार? नर्सरी तैयार करते समय इन गलतियों से बचें, वरना फसल हो जाएगी कमजोर

Paddy Nursery Preparation: धान की खेती में नर्सरी तैयार करना जितना आसान दिखता है, उतना ही इसमें छोटी-सी गलती पूरी फसल पर भारी पड़ सकती है. कई किसान सही जानकारी के अभाव में बीज की मात्रा और नर्सरी के क्षेत्र का सही संतुलन नहीं रख पाते, जिससे पौधे या तो बहुत कमजोर हो जाते हैं या जरूरत से ज्यादा मोटे. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार सही अनुपात और वैज्ञानिक तरीके से नर्सरी तैयार करने पर ही कम लागत में मजबूत और बेहतर पैदावार मिल सकती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 27 May, 2026 | 08:30 PM
1 / 6धान की नर्सरी तैयार करते समय सही स्थान और बीज की मात्रा का संतुलन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि गलत अनुपात से पौधों की गुणवत्ता और आगे चलकर पैदावार दोनों प्रभावित होती हैं.

धान की नर्सरी तैयार करते समय सही स्थान और बीज की मात्रा का संतुलन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि गलत अनुपात से पौधों की गुणवत्ता और आगे चलकर पैदावार दोनों प्रभावित होती हैं.

2 / 6डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, नर्सरी के लिए कुल रोपाई क्षेत्रफल का लगभग 20वां हिस्सा ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि पौधों को सही जगह और पोषण मिल सके.

डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, नर्सरी के लिए कुल रोपाई क्षेत्रफल का लगभग 20वां हिस्सा ही इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि पौधों को सही जगह और पोषण मिल सके.

3 / 6उदाहरण के तौर पर, अगर किसान को 20 एकड़ में धान की रोपाई करनी है, तो उसे लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में ही नर्सरी तैयार करनी चाहिए, जिससे पौधे सही तरीके से विकसित हो सकें.

उदाहरण के तौर पर, अगर किसान को 20 एकड़ में धान की रोपाई करनी है, तो उसे लगभग 1 एकड़ क्षेत्र में ही नर्सरी तैयार करनी चाहिए, जिससे पौधे सही तरीके से विकसित हो सकें.

4 / 6प्रति एकड़ धान की रोपाई के लिए लगभग 5 से 6 किलोग्राम बीज का इस्तेमाल करना पर्याप्त और वैज्ञानिक रूप से सही माना जाता है. इस सही मात्रा से नर्सरी में पौधे न तो बहुत ज्यादा घने होते हैं और न ही बहुत कम, जिससे पौधों को सही जगह, पोषण और बढ़ने का पूरा मौका मिलता है.

प्रति एकड़ धान की रोपाई के लिए लगभग 5 से 6 किलोग्राम बीज का इस्तेमाल करना पर्याप्त और वैज्ञानिक रूप से सही माना जाता है. इस सही मात्रा से नर्सरी में पौधे न तो बहुत ज्यादा घने होते हैं और न ही बहुत कम, जिससे पौधों को सही जगह, पोषण और बढ़ने का पूरा मौका मिलता है.

5 / 6अगर निर्धारित मात्रा से अधिक बीज बो दिए जाएं तो नर्सरी बहुत ज्यादा घनी हो जाती है, जिससे पौधे पतले, कमजोर हो जाते हैं और रोपाई के समय टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है.

अगर निर्धारित मात्रा से अधिक बीज बो दिए जाएं तो नर्सरी बहुत ज्यादा घनी हो जाती है, जिससे पौधे पतले, कमजोर हो जाते हैं और रोपाई के समय टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है.

6 / 6वहीं दूसरी ओर, कम बीज बोने पर पौधे जरूरत से ज्यादा मोटे हो जाते हैं, जिससे रोपाई में मजदूरों को कठिनाई होती है और समय व लागत दोनों बढ़ जाते हैं.

वहीं दूसरी ओर, कम बीज बोने पर पौधे जरूरत से ज्यादा मोटे हो जाते हैं, जिससे रोपाई में मजदूरों को कठिनाई होती है और समय व लागत दोनों बढ़ जाते हैं.

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Published: 27 May, 2026 | 08:30 PM

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