पीएम किसान की 22वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट, लाभार्थी लिस्ट में चेक करें अपना नाम

पीएम-किसान योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है. शुरू होने के बाद से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है. सरकार सीधे नकद सहायता देकर छोटे किसानों की साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना चाहती है.

नोएडा | Updated On: 20 Feb, 2026 | 05:46 PM

PM Kisan: देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं है कि 2,000 रुपये की राशि होली से पहले खातों में आएगी या नहीं. जब तक आधिकारिक तारीख घोषित नहीं होती, तब तक लाभार्थी किसान सरकारी पोर्टल पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हैं या नहीं.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना  एक केंद्रीय क्षेत्र की स्कीम है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जो 2,000-2,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में करके सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से भेजी जाती है. आने वाली राशि इस योजना की 22वीं किस्त होगी. इस योजना का लाभ उन छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है, जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है. लाभार्थियों की पहचान जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है. संस्थागत भू-स्वामी, आयकर देने वाले लोग, निर्धारित पेंशन सीमा से ऊपर के सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी, और डॉक्टर, इंजीनियर, वकील जैसे पेशेवर इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं. जिन लोगों के पास खेती योग्य जमीन नहीं है, वे भी इसका लाभ नहीं ले सकते.

जरूरी दस्तावेज और नियम

भुगतान में देरी से बचने के लिए किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका आधार बैंक खाते  से लिंक हो, e-KYC पूरी हो, बैंक खाते की जानकारी सही हो और जमीन के रिकॉर्ड अपडेट हों. अगर आधार लिंकिंग या e-KYC अधूरी है, तो किस्त रुक सकती है.

लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे जांचें

पीएम किसान योजना का उदेश्य

पीएम-किसान योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है. शुरू होने के बाद से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है. सरकार सीधे नकद सहायता देकर छोटे किसानों की साहूकारों  या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना चाहती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर किस्त मिलने से किसान बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी सामान खरीद पाते हैं, जिससे खेती मजबूत होती है, खाद्य सुरक्षा बढ़ती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है. यह योजना कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की दिशा में सरकार की अहम पहल बनी हुई है.

Published: 20 Feb, 2026 | 05:04 PM

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