प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM KISAN) की 23वीं किस्त का इंतजार देश के करोड़ों सीमांत किसान कर रहे हैं. लेकिन अभी तक सरकार की ओर से तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है. पर कहा जा रहा है कि अगले महीने तक 23वीं किस्त जारी हो सकती है. क्योंकि पिछली किस्तों को देखें तो 2023 में 14वीं किस्त 27 जुलाई को, 2024 में 17वीं किस्त 18 जून को और 2025 में 2 अगस्त को जारी की गई थी. इसी आधार पर माना जा रहा है कि 2026 में योजना की 23वीं किस्त जून के मध्य, यानी 18 जून के आसपास जारी हो सकती है.
इसके अलावा, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस साल सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार जून में ही किस्त जारी कर सकती है. हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से 23वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. ऐसे भी जून की शुरुआत होते ही पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त को लेकर चर्चा तेज हो जाती है, क्योंकि आमतौर पर इसी अवधि में वित्त वर्ष की पहली किस्त जारी की जाती है. हालांकि, कृषि मंत्रालय ने अभी तक 23वीं किस्त की तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो योजना की पहली किस्त जून, जुलाई या अगस्त के पहले सप्ताह के दौरान किसानों के खातों में भेजी गई थी. ऐसे में इस बार भी किसानों को जल्द किस्त मिलने की उम्मीद है.
पीएम किसान के लाभार्थी
पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त उन्हीं किसानों को मिलेगी जो योजना की सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं. अगर कोई किसान पात्र है और उसने सभी जरूरी प्रक्रियाएं सही समय पर पूरी कर ली हैं, तो उसे किस्त मिल जाएगी. लेकिन कुछ जरूरी काम पूरे न होने पर पैसा अटक भी सकता है. सरकार ने साफ किया है कि लाभ पाने के लिए तीन चीजें अनिवार्य हैं. पहली, जमीन का भू-सत्यापन (Land Verification) पूरा होना चाहिए ताकि रिकॉर्ड में किसान की खेती योग्य जमीन सही तरीके से दर्ज हो. दूसरी, ई-केवाईसी (e-KYC) जरूरी है, जिसे पीएम किसान पोर्टल या CSC केंद्र पर आसानी से पूरा किया जा सकता है. तीसरी, बैंक खाते का आधार से लिंक होना और DBT सक्रिय होना जरूरी है, ताकि पैसा सीधे खाते में भेजा जा सके.
ऐसे में अटक सकती हैं किस्तें
जिन किसानों ने e-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें PM-KISAN की 23वीं किस्त नहीं मिल सकती है.
जिन किसानों का आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, उनके भुगतान में दिक्कत आ सकती है.
जिन किसानों के भूमि रिकॉर्ड अधूरे या सत्यापित नहीं हैं, वे भी किस्त से वंचित रह सकते हैं.
जिन लाभार्थियों की जानकारी सरकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, उनका भुगतान रुक सकता है.
ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ
- संस्थागत भूमि धारक
- ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य सरकारी नौकरी करता हो
- आयकर भरने वाले लोग
- 10,000 रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ड पेंशनर्स (कुछ श्रेणियों को छोड़कर)
- डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे रजिस्टर्ड प्रोफेशनल्स