तमिलनाडु में दोहरी फसल के क्षेत्रफल में बंपर बढ़ोतरी, 13 लाख हेक्टेयर के पार पहुंचा रकबा

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का कृषि पर फोकस लगातार दिख रहा है. 2021-22 में कृषि के लिए 34,220 करोड़ रुपये आवंटित थे, जो 2025-26 में बढ़कर 45,661 करोड़ रुपये हो गए, यानी 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई.

नोएडा | Updated On: 18 Feb, 2026 | 03:09 PM

Tamil Nadu News: तमिलनाडु ने जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती योग्य भूमि में गिरावट को रोकने में सफलता हासिल की है. यही  जानकारी कृषि और किसान कल्याण मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने विधानसभा में दी है. उन्होंने कहा कि 2024-25 में दोहरी फसल का रकबा बढ़कर 13.99 लाख हेक्टेयर हो गया, जो 2019-20 की तुलना में लगभग 2 लाख हेक्टेयर ज्यादा है. मंत्री यह जानकारी 2026-27 के अंतरिम कृषि बजट पेश करते समय दे रहे थे, जिसका कुल बजट 47,248.24 करोड़ रुपये है.

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक,पन्नीरसेल्वम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का कृषि पर फोकस लगातार दिख रहा है. 2021-22 में कृषि के लिए 34,220 करोड़ रुपये आवंटित थे, जो 2025-26 में बढ़कर 45,661 करोड़ रुपये हो गए, यानी 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा कि 2026-27 के अंतरिम बजट में कृषि और किसान कल्याण विभाग  के लिए 47,248.24 करोड़ रुपये  आवंटित किए गए हैं और किसान कल्याण योजनाएं लगातार लागू होती रहेंगी.

कृषि में औसत सकल राज्य मूल्य संवर्धन

उन्होंने कहा कि कृषि में औसत सकल राज्य मूल्य संवर्धन (GSVA) 2012-13 से 2020-21 के दौरान 1.36 फीसदी से बढ़कर 2021-22 से 2024-25 में 3.03 फीसदी हो गया. 2011-12 की स्थिर कीमतों पर GSVA 2024-25 में 59,11,708 लाख रुपये तक पहुंचा, जो 2020-21 में 53,75,639 लाख रुपये था. मंत्री ने कहा कि कृषि और किसान कल्याण विभाग की हर योजना किसान की आय बढ़ाने, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, खाद्य और पोषण सुरक्षा  सुनिश्चित करने और सतत कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यवस्थित रूप से लागू की जा रही है.

 पेड़-पौधों और वन आवरण को मिलेगा बढ़ाना

सरकार का लक्ष्य तमिलनाडु में पेड़-पौधों और वन आवरण को 33 फीसदी तक बढ़ाना है. इसके तहत ग्रीन तमिलनाडु मिशन के अंतर्गत एग्रोफॉरेस्ट्री को व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि जंगलों के बाहर हरित आवरण बढ़े, कृषि भूमि की जलवायु सहनशीलता बढ़े और किसानों की आय में इजाफा हो. पिछले पांच वर्षों में कुल 3.24 करोड़ पौधे उगाए और वितरित किए गए और 2.24 लाख एकड़ भूमि को एग्रोफॉरेस्ट्री में लाया गया. तमिलनाडु रोजवुड ट्रीज़ (संरक्षण) एक्ट, 1994 को 13 फरवरी 2025 के बाद बढ़ाया नहीं गया, ताकि रोजवुड के पेड़ उगाने को प्रोत्साहन मिल सके.

जंगली सुअरों को नियंत्रित करने के दिशा-निर्देश बनाए गए

मत्री ने कहा कि फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जंगली सुअरों  को नियंत्रित करने के दिशा-निर्देश बनाए गए हैं और इन्हें लागू किया गया है. सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल और भूमि संसाधनों में सुधार के लिए भी कई कदम उठाए हैं. पिछले पांच वर्षों में 68,930 पारंपरिक जल स्रोतों का नवीनीकरण किया गया, 1 लाख सिंचाई और आपूर्ति नहरों की सफाई की गई, 29,800 चेक डैम बनाए गए, 31,325 भूमिगत जल पुनर्भरण प्रणाली स्थापित की गई और 83,015 पौधारोपण कार्य किए गए, जिनमें कुल 2.78 करोड़ पौधे लगाए गए.

Published: 18 Feb, 2026 | 03:03 PM

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